सुंदर पिचाई ने राष्ट्रपति ट्रंप के फैसले को बताया गलत-कहा प्रवासियों ने ही अमेरिका मजबूत बनाया

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नई दिल्ली. भारत को एक तगड़ा झटका देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वीजा को 31 दिसंबर 2020 तक रद्द कर दिया था. ट्रंप के इस फैसले से आईटी सेक्टर को जोरदार झटका लगा था. ट्रंप के इसी फैसले पर अब गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

सुंदर पिचाई ने ट्वीट कर कहा है कि ट्रंप के इस से मैं काफी निराशा हूं. प्रवासियों ने अमेरिका की आर्थिक सफलता में बड़ा योगदान दिया है. आज प्रवासियों के कारण ही अमेरिका टेक इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडर बना है, इन्हीं लोगों के कारण आज गूगल इतना बड़ा मुकाम हासिल कर पाया है. इनकी वजह से ही गूगल आज जो है, वो है. आज के फैसले से निराशा हुई है- हम प्रवासियों के साथ खड़े होना जारी रखेंगे और उनके लिए मौके बनाते रहेंगे.

क्या होता है H1-B वीजा

एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है. अमेरिका में कार्यरत कंपनियों को यह वीजा ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी हो. इस वीजा की वैलिडिटी छह साल की होती है. अमेरिकी कंपनियों की डिमांड की वजह से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्‍स इस वीजा को सबसे अधिक हासिल करते हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने H1-B वीजा को निलंबित करने का बाद कहा था कि यह कदम उन अमेरिकियों की मदद करने के लिए आवश्यक था, जिन्होंने मौजूदा आर्थिक संकट के कारण अपनी नौकरी खो दी है. नवंबर में होने जा रहे राष्ट्रपति चुनावों से पहले ये ऐलान करते हुए ट्रंप ने विभिन्न व्यापारिक संगठनों, कानूनविदों और मानवाधिकार निकायों द्वारा आदेश के बढ़ते विरोध की अनदेखी की है. जिसके बाद यू पूरा विवाद शुरू हुआ है.