ये लड़की है या बवाल!!!

आज के समय में कॉम्पिटीटिव एग्जाम को क्लीयर करने में स्टूडेंट्स को साल दर साल का समय लग जाता है. एक कॉम्पिटीटिव एग्जाम को क्लीयर करना ही स्टूडेंट्स के लिए लोहे के चने चबाने जैसा होता है.

वहीं आज हम आपको बताएंगे एक एसी लड़की के बारे में जिसने असंभव को भी संभव बना दिया है. ये हैं कोटा में पढ़ने वाली स्तुति खंडेलवाल.

स्तुति बाकी लड़कियों की तरह कोटा में कोचिंग लेने वाली लड़कियों में शामिल है. मगर वो बाकी लड़कियों से काफी अलग है.

दरअसल स्तुति ने एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है. एक ओर जहां स्टूडेंट्स को एक एग्जाम क्लीयर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वहीं स्तुति ने एक या दो नहीं बल्कि देश के इंजीनीयरिंग-मेडिकल के सभी एग्जाम को फर्स्ट अटेंप्ट में क्लीयर किया है.

स्तुति ने इन एग्जाम को टॉप रैंकिंग के साथ क्लीयर किया है. उन्होंने मेडिकल इंजीनियरिंग एग्जाम जैसे एम्स-एमबीबीएस, नीट, जेईई, जीपमेर सभी को क्लीयर कर लिया है.

ये हैं हर एग्जाम में रैंक

उन्होंने AIIMS-MBBS 2019 में 10th रैंक हासिल की है. नीट में 71th रैंक हासिल की है. उन्हें जिपमेर एग्जाम में 27th रैंक मिली है, जबकि जेईई-मेन्स एग्जाम में 1086th रैंक मिली है.

विदेश में मिला पढ़ने का मौका

स्तुति को इस शानदार उपलब्धि हासिल करने पर खास तोहफा भी मिला है. स्तुति तो मैसाच्युसैटेस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) में 90% स्कॉलरशीप के साथ एडमिशन मिल गया है.

स्तुति ने MIT में एडमिशन ले लिया है. वैसे मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो स्तुति ने अपनी इस सफलता और कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है.

इसके साथ ही उन्होंने अपने टीचर्स को भी अपनी सफलता का हिस्सेदार बताया है. उन्होंने कहा कि  MIT से ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद वो रिसर्च फील्ड में करियर बनाना चाहती हैं.

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