बायो-सिक्योर के अंदर रहना मानसिक रूप से चुनौती पूर्ण: जोफ्रा आर्चर

Jofra Archer
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर (Jofra Archer) ने स्वीकार किया है कि बायो-सिक्योर के अंदर रहना मानसिक रूप से चुनौती पूर्ण है और इससे उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ा है. इस तेज गेंदबाज ने इंग्लैंड के बायो-बबल के अंदर कुल 87 दिन बिताए हैं.

इस दौरान उन्होंने तीनों फॉर्मेट खेले हैं. वह वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला में इंग्लैंड की टीम का हिस्सा हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एकदिनी श्रृंखला समाप्त होने के बाद, आईपीएल में हिस्सा लेने के लिए वह यूएई जाएंगे और अपनी टीम राजस्थान रॉयल्स में शामिल होंगे.

आर्चर ने कहा कि मैं आपको बताऊं, यह मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है. हम यहां 16 सप्ताह से इस तरह से रह रहे हैं. मुझे लगता है कि नया मानदंड बन गया है. उन्होंने कहा कि बायो सिक्योर बबल एक अलग तरह का वातावरण है. आप कभी-कभी ऐसा महसूस करते हैं कि आपने एक दीवार को मारा है.

उन्होंने कहा कि कभी-कभी आपको बस आराम करने की जरूरत होती है या बस कुछ दिनों के लिए अपने दिमाग को शांत करने की आवश्यकता होती है. मैं ईमानदारी से नहीं जानता कि यह क्या है लेकिन अगर आप थोड़े अच्छे मूड में होंगे तभी आप शायद थोड़ा तेज गेंदबाजी कर सकेंगे.

आईपीएल खत्म होने के बाद, इंग्लैंड की टीम नवंबर में सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर जाने वाली है. उसके बाद, बिग बैश लीग (बीबीएल) होना है, जहां में आर्चर होबार्ट हरिकेंस की टीम का हिस्सा हैं. हालांकि आर्चर ने बीबीएल में हिस्सा न लेने का संकेत दिया है.

आर्चर ने कहा कि वह लंबे समय बायो-सिक्योर बबल का हिस्सा हैं आगे भी रहेंगे. ऐसे में वह अपने परिवार के साथ कुछ समाया बिताना चाहते हैं. आर्चर ने बीबीएल में होबार्ट हरिकेंस के लिए 28 मैच खेले हैं और 35 विकेट चटकाए हैं. आर्चर ने कहा की उन्होंने फरवरी से अपने परिवार को नहीं देखा है और दिसंबर ही ऐसा समय है जब वह उनके साथ समय बिता सकते हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/सुनील