‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ पटेल को सच्ची श्रद्धांजलिः प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 49वीं बार देश से अपने ‘मन की बात’ की. उनके इस कार्यक्रम का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन पर सुबह 11 बजे किया गया. ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने सरदार वल्लभ भाई पटेल पर भी चर्चा की.

पीएम ने 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर आयोजित होने वाली ‘एकता की दौड़’ दौड़ का जिक्र करते हुए कहा कि देश का युवा देश की एकता के लिए दौड़ने को तैयार है. उन्होंने देशवासियों से बड़ी संख्या में इस दौड़ में भाग लेने की अपील भी की.

प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘इनफैंट्री डे’ वही दिन है जब भारत के तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल के सुझाव पर भारतीय सेना के जवान कश्मीर की धरती पर उतरे थे और घुसपैठियों से घाटी की रक्षा की थी.

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने सभी रियासतों का भारत में विलय कराया था. उनकी सूझबूझ और रणनीतिक कौशल से आज हम एक हिन्दुस्तान देख पा रहे हैं. एकता के बंधन में बंधे इस राष्ट्र को देख कर हम स्वाभाविक रूप से सरदार वल्लभभाई पटेल का पुण्य स्मरण करते हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि ये एक ऐसे भारत का नक्शा था जो कई भागों में बंटा हुआ था. तब 550 से ज्यादा देशी रियासते थीं. भारत को लेकर अंग्रेजों की रूचि ख़त्म हो चुकी थी. लेकिन वो इस देश को छिन्न-भिन्न करके छोड़ना चाहते थे.

पीएम ने कहा कि ‘Time Magazine’ ने लिखा था कि भारत पर विभाजन, हिंसा, खाद्यान्न -संकट, महंगाई और सत्ता की राजनीति जैसे खतरे मंडरा रहे थे. गांधी जी ने सरदार पटेल से कहा कि राज्यों की समस्याएं विकट हैं और केवल आप ही इनका हल निकाल सकते हैं. सरदार पटेल ने सभी रियासतों का भारत में विलय कराया और देश को एकता के सूत्र में पिरोने के असंभव कार्य को पूरा कर दिखाया.

प्रधानमंत्री ने 31 अक्तूबर को सरदार पटेल की जयन्ती की जानकारी देते हुए कहा कि इस बार सरदार पटेल की जयंती पर दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ राष्ट्र को समर्पित की जाएगी. पीएम ने इस प्रतिमा को सरदार पटेल की जयंती के लिए सच्ची श्रद्धांजलि बताया.

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