जनजाति स्पोर्ट्स मीट से बढेगी खेल भावना

अरविंद राय
गुवाहाटी. राजधानी के ग्रामीण क्षेत्र सोनापुर स्थित तपेसिया स्पोर्ट्स स्टेडियम में गुरुवार को 21वां राष्ट्रीय जनजाति स्पोर्ट्स मीट-2018 का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया. समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सह कार्यवाहक भैयाजी जोशी ने कहा कि अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम भारत की जनजातियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसका पता इसी बात से चलता है कि यहां इस प्रकार के बड़े स्तर पर राष्ट्रीय जनजातीय स्पोर्ट्स मीट के आयोजन किए जाते हैं.
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भैयाजी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से जनजाति युवक-युवतियों के बीच खेल की भावना और अधिक जागृत होगी.  उन्हें सही प्लेटफॉर्म मिलेगा तो उनके अंदर की प्रतिभा में निखार आएगा. उन्होंने अपने संबोधन में इस आयोजन के लिए अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम को धन्यवाद दिया.
इस अवसर पर हेमचंद्र द्वारा एक स्मारिका लक्ष्यभेद का भी विमोचन किया गया. जहां जाने-माने खेल की हस्तियों, सत्यदेव प्रसाद (ओलंपिक तिरांदाज), अंशु जामसेम्पा (वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डिंग एवरेस्ट), बॉडी बिल्डिंग के विश्व चैंपियन गुलाब राभा, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर लोवलीना बूढ़ागोहाईं, एथलेटिक कोच निपन दास तथा असम की उड़नपरी हिमा दास को मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने सम्मानित किया.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक भारत श्रेष्ठ भारत का जो नारा दे रहे हैं, उसे वनवासी कल्याण आश्रम मूर्त रूप दे रहा है. मुख्यमंत्री ने इसके लिए अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से जनजातीय युवकों, खासकर दूरदराज के गांव में रहने वाले व खेल के क्षेत्र की छुपी प्रतिभाओं को एक बड़ा मौका मिलेगा.
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उन्होंने कहा कि असम सरकार स्पोर्ट्स पॉलिसी के जरिए जनजातीय युवकों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य कर रही है. यहां उन्होंने कई योजनाओं की चर्चा की. उन्होंने कहा कि इन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जा रही है. युवा भारत का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे युवक उठें और आगे आएं तो देश का भविष्य निश्चित ही सुदृढ़ और मजबूत होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा खेल के क्षेत्र में अपना करियर बनाएं तभी जाकर बात बन सकती है. अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों एवं युवाओं के लिए लागू की गई योजनाओं की चर्चा की.
अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के संगठन सचिव अतुल जोग ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी, कि किस प्रकार ग्रामीण स्तर पर खेल को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजन किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अंचल स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक इस प्रकार के चैंपियनशिप का आयोजन बीते चार वर्षों से किया जा रहा है. इसका उद्देश्य है कि आदिवासी खिलाड़ियों में प्रतिस्पर्धा की भावना जागे और उन्हें उचित मुकाम प्राप्त हो सके.
समारोह में लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फिजिकल एजुकेशन (एलएनआईपी) के डीन विश्वजीत बसुमतारी, 21वें नेशनल जनजातीय स्पोर्ट्स मीट-2018 की अध्यक्ष नीलिमा ताई पाट्टे, उपाध्यक्ष योगेश बापट, एबीवीकेए महासचिव एवं प्रदेश जनजाति फेथ एंड कल्चरल प्रोटेक्शन फोरम के अध्यक्ष जलेश्वर ब्रम्हा तथा कल्याण आश्रम असम के अध्यक्ष सुधीर राभा भी मौजूद रहे.
उद्घाटन समारोह के दौरान कई जनजातियों के नृत्य एवं संगीत का आयोजन किया गया. जिनमें असम की जनजातियों में मिसिंग, बोड़ो, कार्बी आदि प्रमुख थीं. जनजातियों के कई लोकप्रिय खेलों का भी मंचन इस दौरान किया गया. इन खेलों ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षित बनाया.
यह कार्यक्रम 3 दिनों के लिए आयोजित किया जा रहा है. जिसमें देश के विभिन्न हिस्से से जानजाति युवक भाग लेने पहुंचे हुए हैं. अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के राज्य के 33 जिलों के प्रतिनिधि इस कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं. इस दौरान तीरंदाजी प्रतियोगिता, मैराथन तथा एथलेटिक भी आयोजित किए जा रहे हैं। इस दौरान वनवासियों के परंपरागत खेलों का भी आयोजन होगा। समारोह के दौरान पूर्वोत्तर के विभिन्न जनजातीय इलाकों में प्रचलित पारंपरिक खेल से संबंधित प्रदर्शनी भी लगाई गई है। शाम के समय जनजातियों द्वारा जनजातियों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन होगा.
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