महाराष्ट्र से मजदूरों को लेकर भोपाल पहुंची विशेष ट्रेन, बसों से भेजा जाएगा उनके घर

HS (2)
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कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने रोकने के लिए लागू लॉकडाउन में दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को अपने घर भेजने का सिलसिला जारी है. इसी क्रम में महाराष्ट्र के नासिक शहर में फंसे मध्यप्रदेश के करीब चार सौ से अधिक मजदूरों को लेकर एक विशेष ट्रेन शनिवार को सुबह भोपाल पहुंची है. राजधानी के मिसरोद रेलवे स्टेशन पर मजदूरों की स्क्रीनिंग की जा रही है. जांच के बाद उन्हें उनके गंतव्य तक बसों के माध्यम से भेजा जाएगा.

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन को केन्द्र सरकार ने 17 मई तक कुछ छूट के साथ बढ़ा है. ऐसे में अलग-अलग राज्यों में फंसे मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा शुक्रवार को ही स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति दी थी.

भोपाल के डिप्टी कलेक्टर राजेश गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को महाराष्ट्र के नासिक से चार से अधिक मजदूरों को लेकर विशेष ट्रेन रवाना हुई थी, जो शनिवार को सुबह भोपाल के मिसरोद स्टेशन पहुंची. यहां सभी मजदूरों को स्टेशन पर रुकवाया गया है और उनके लिए जिला प्रशासन ने सभी व्यवस्थाएं की हैं. अभी मजदूरों की स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग की जा रही है. जांच के बाद अलग-अलग बसों से उन्हें अपने-अपने घरों के लिए रवाना किया जाएगा.

महाराष्ट्र से भोपाल पहुंचे मजदूरों ने बताया कि लॉकडाउन के चलते वे एक महीने से इंगतपुरी के कन्‍‍‍‍या हॉस्टल में ठहरे हुए थे. अपने घर वापस जाने के लिए कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा था, लेकिन शुक्रवार को उन्हें विशेष ट्रेन से रवाना कर दिया और वे अब भोपाल पहुंच गए हैं. यहां आने से मजदूरों में खुशी देखने को मिल रही है.

दतिया जिले के हेमंत केवट ने बताया कि वह अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ महाराष्ट्र में काम की तलाश में गया था, लेकिन लॉकडाउन में काम बंद हो गया. इंगतपुरी के गल्र्स होल्टर में एक महीने तक कई परेशानियों से जूझना पड़ा.

बताया गया है कि महाराष्ट्र के नासिक से प्रदेश के 29 जिलों के चार से अधिक मजदूरों को भोपाल लाया गया है और यहां मिसरोद स्टेशन पर भीड़-भाड़ से अलग व्यवस्था की गई है. स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और मेडिकल टीम भी सुबह से वहां मौजूद थी.

प्रशासन के अधिकारियों ने मजदूरों को ट्रेन से उतरने के बाद समझाइश देकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया और सभी को अलग-अलग ठहराया गया है. फिलहाल मेडिकल टीम मजदूरों की जांच कर रही है. इसके बाद सभी को बसों से अपने-अपने घरों के लिए भेजा जाएगा.

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर