छठ को लेकर रेलवे ने की क्या तैयारियां, HS News की रिपोर्ट

भगवान सूर्य की आस्था का महालोकपर्व छठ आज यानी 11 नवंबर को नहाय खाय के साथ ही शुरु हो गया है. आज के दिन छठ का व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह किसी नदी या तालाब में जाकर डुबकी लगाती हैं. और इसके बाद भगवान सूर्य और छठ मैया को अर्घ देकर व्रत पूर्ण होने की कामना करती हैं. आज से चार दिन तक चलने वाला ये पर्व पूर्वी भारत के बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

छठ के पहले दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सूर्य देवता को अर्घ देकर छठ मैया को प्रसन्न करने के लिए चार दिन के कठिन तप का प्रण लेती हैं. छठ के दूसरे दिन खरना के बाद व्रत रहने वाली महिलाएं 36 घंटे के निर्जला उपवास पर रहती हैं. इस महापर्व के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर उनको प्रसन्न किया जाता है. महातप के चौथे दिन सुबह भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर व्रत का पारन किया जाता है. और इसी के साथ महापर्व का समापन होता है.

छठ पर रेलवे की तैयारियां

दिल्ली-NCR में रहने वाले लाखों श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से क्राउड मैनेजमेंट के विशेष इंतजाम किए गए हैं. छठ में सबको सुरक्षित घर भेजने के लिए रेलवे की ओर से नई दिल्ली, दिल्ली और आनन्द विहार टर्मिनस से कई स्पेशल ट्रेनें भी चलाई गई हैं. HS News की टीम ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन का दौरा किया और छठ के लिए किए गए इंतजामात की समीक्षा की.

इस बार आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुस्त-दुरुस्त रखी है. रेलवे पुलिस फोर्स, होमगार्ड के अलावा स्काउट गाइड भी यात्रियों की सुविधाओं के लिए तैनात किए गए हैं. इस वक़्त सिर्फ़ वो यात्री ही स्टेशन के भीतर जा सकते हैं जिनकी गाड़ी का समय होने वाला हो. बाक़ी यात्रियों के लिए स्टेशन के बाहर टेंट और दरी आदि के इंतजाम किए गए हैं. जनरल टिकट के लिए स्टेशन के बाहर ही अतिरिक्त काउंटर खोले गए हैं. एक काउंटर पर किसी विशेष शहर के टिकट ही दिए जा रहे हैं. फ़ुटकर पैसे की समस्या से निपटने के लिए यात्रियों के लिए चिल्लर एक्सचेंज काउंटर भी खोला गया है. पूर्वी प्रदेशों के लिए आठ से दस गाड़ियां रोज चल रही हैं. छठ में पूर्वी प्रदेशों के लिए इस सीज़न में 90 रिज़र्व गाड़ियां चल रही हैं और कुल 120 जोड़ा गाड़ियां चल रही हैं.

लोगों की बुनियादी सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया है. खाने के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर ही वैकल्पिक कैंटीन, पीने के पानी के लिए आरओ वाटर के स्टॉल के साथ साथ टैंकरों की भी व्यवस्था कराई गई है. यहीं नहीं सार्वजनिक शौचालयों की कमी ना पड़े इसके लिए अलग के चलते-फिरते शौचालयों की भी व्यवस्था की गई है.

रेलवे के इंतजाम को देखते हुए यात्रियों ने ये उम्मीद जताई कि इस बार वो बिना किसी दिक्कत के समय पर अपने घर तक सुरक्षित जरूर पहुंच जाएंगे.