#ELECTION2019: क्या इंदौर से 9वीं बार उम्मीदवार होंगी'ताई'?

नई दिल्ली. बीजपी उम्मीदवारों की 11 सूचियां जारी हो चुकी हैं. ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी सूची आने के बाद भी सुमित्रा महाजन किसी में स्थान नहीं पा सकीं. इससे कई तरह की अटकलें चल पड़ी हैं.

मंथन जारी- बीजेपी के मजबूत गढ़ में से एक इंदौर लोकसभा सीट को लेकर पार्टी संगठन से लेकर संघ के अंदर जबरदस्त तरीके से मंथन का दौर जारी है.

ताई’ के नाम से मशहूर- सुमित्रा महाजन पिछले 30 वर्ष से इंदौर से लगातार आठ बार जीत का रेकॉर्ड बना चुकी हैं. वह इस सीट पर 19 मई को होने वाले लोकसभा चुनावों में चुनावी टिकट की शीर्ष दावेदार हैं.

75 वर्षीय नेता ने कहा, चूंकि अभी इंदौर सीट से बीजेपी उम्मीदवार की घोषणा नहीं हुई है. इस पर सुमित्रा महाजन ने कहा कि लेकिन मैं बीजेपी संगठन की कार्यकर्ता हूं और हर रोज पार्टी की बैठकों में जा रही हूं.

टिकट कटने के संकेत- लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को टिकट नहीं देने के संकेत भी बीजेपी के बड़े नेताओं से मिलने लगे हैं. मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष राकेश सिंह ने खुद सुमित्रा महाजन के टिकट कटने के संकेत दिए हैं.

कैलाश और मालिनी का नाम चर्चा में – उनकी जगह दिग्गज बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय और वर्तमान विधायक व मेयर मालिनी गौर का नाम चर्चा में है.

कैलाश विजयवर्गीय मध्यप्रदेश के दिग्गज बीजेपी नेता हैं. इनके पुत्र आकाश विजयवर्गीय इंदौर- 3 से भाजपा की टिकट पर विधायक चुने गए हैं. कैलाश विजयवर्गीय लगातार छह बार विधानसभा सदस्य भी रहे हैं. इसके अलावा ये इंदौर के मेयर भी रहे हैं.

लक्ष्मण गौर की पत्नी है मालिनी- मालिनी गौर वर्तमान में इंदौर- 4 विधानसभा सीट से विधायक के साथ शहर की मेयर भी हैं. ये एमपी के पूर्व उच्च शिक्षामंत्री रहे स्वर्गीय लक्ष्मण सिंह गौर की पत्नी है.

सुमित्रा महाजन साल 1989,1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014 पर इस सीट पर लड़ी हैं. इस बार विजयवर्गीय का नाम चर्चा में आया कि वे चुनाव लड़ सकते हैं.

%d bloggers like this: