कर्नाटक का नाटक अभी भी जारी, विधानसभा कल तक के लिए स्थगित

कर्नाटक के नाटक पर से आज (गुरुवार को) भी पर्दा नहीं गिरा. स्पीकर केआर रमेश कुमार पूरे दिन बहुमत प्रस्ताव पर चर्चा कराते रहे. हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी कई बार स्थगित हुई. जिसके बाद विधानसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

बीजेपी नेता धरने पर बैठे

स्पीकर केआर रमेश कुमार के इस फैसले पर बीजेपी नेताओं ने नाराजगी जताई है, और रात भर धरने पर बैठने की धमकी दी है. बीजेपी नेताओं ने कहा कि स्पीकर ने राज्यपाल के आदेश का भी पालन नहीं किया. और फ्लोर टेस्ट को टाल दिया. फिलहाल स्पीकर के इस फैसले से सीएम कुमारस्वामी को एक रात का और वक्त मिल गया है.

बीजेपी नेता जदगीश शेट्टार ने कहा कि सीएम ने विश्वास मत के लिए आज का दिन तय किया था, लेकिन जब प्रस्ताव लाया गया तो बहस शुरू हो गई. सिद्धारमैया, कृष्णा गौड़ा और एचके पाटिल ने पॉइंट ऑफ ऑर्डर्स को आगे बढ़ाया. हमने राज्यपाल से अनुरोध किया है वे स्पीकर को विश्वास मत पर बहस जारी रखने का निर्देश जारी करें.

कल (शुक्रवार को) सदन में सीएम कुमारस्वामी को एक बार फिर से अग्निपरीक्षा पास करनी पड़ सकती है. उन्हें कल फ्लोर टेस्ट के दौर से गुजरना पड़ सकता है. फिलहाल उनको एक और रात का वक्त मिल गया है.

आज क्या-क्या हुआ

हंगामें के बाद सदन की कार्यवाही जब फिर से शुरू हुई तो स्पीकर केआर रमेश कुमार ने राज्यपाल के संदेश को पढ़कर सुनाया. स्पीकर ने कहा कि राज्यपाल ने संदेश में कहा है कि आज विश्वास मत पर वोटिंग के लिए विचार करें. उन्होंने विश्वास मत पर विचार के लिए अनुरोध किया है. राज्यापल ने निर्देश नहीं दिया है, इच्छा जताई है.

बीजेपी नेता येदियुरप्पा ने दावा कर दिया है कि आज कुमारस्वामी की हार होगी. क्योंकि उनके पास 100 से कम विधायको का समर्थन है. बीजेपी के पास 105 विधायक हैं.

विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने पूछा, ‘आखिर बीएस येदियुरप्पा इतनी जल्दीबाजी में क्यों हैं. कुमारस्वामी ने कहा कि आज सिर्फ मेरी सरकार पर ही संकट नहीं है, बल्कि स्पीकर पर भी जबरन दबाव बनाया जा रहा है. मैंने अपने कार्यकाल में जनता के लिए काम किया है. मैं पूछना चाहता हूं कि हमारी सरकार को अस्थिर करने के पीछे कौन है?’ कुमार स्वामी ने कहा है कि बीजेपी को इतनी जल्दी क्यों है.

दरअसल कांग्रेस (Congress) के 13 और जेडीएस (JDS) के 3 विधायकों द्वारा इस्तीफे देने के बाद राज्य की 14 महीने पुरानी सरकार पर संकट मंडरा रहा है. वहीं दो निर्दलीय विधायकों ने भी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. जैसे ही सदन में विश्वास मत की प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे ही ये स्पष्ट हो जाएगा कि कर्नाटक में कुमारस्वामी की सरकार बनी रहती है या फिर गिर जाती है.

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