दिल्ली-गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को कोर्ट ने सुनाई 24 साल की सजा, नाबालिग से देह व्यापार करवाने की दोषी करार

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नई दिल्ली. देह व्यापार, 12 साल की बच्ची के अपहरण और मानव तस्करी के मामले में दोषी गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को 24 साल और उसके सहयोगी संदीप बेदवाल को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. कोर्ट ने इन दोनों पर जुर्माना भी लगाया है.

दिल्ली के द्वारका कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रीतम सिंह ने सोनू पजांबन को आईपीसी की धारा 328, 342, 366ए, 372, 373 और 120बी के तहत अलग-अलग सजा सुनाई हैं. सभी सजाएं एक साथ चलेंगी इसलिए सोनू पंजाबन को कुल 24 सालों तक कठोर कारावास में रखने और 64 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

द्वारका कोर्ट ने हाल ही में सोनू पंजाबन और संदीप को दोषी करार दिया था. दोषी करार दिए जाने के 2 दिन बाद तिहाड़ जेल में बंद शातिर सोनू पंजाबन ने मेडिसिन खाकर खुदकुशी का ड्रामा भी किया था. 

सोनू पंजाबन को 24 साल की सजा सुनाते हुए द्वारका कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रीतम सिंह ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि एक औरत इस तरह का अपराध करे, ये कल्पना नहीं की जा सकती. इंसान होने के नाते इस तरह का अपराध करने वालों को माफ नहीं किया जा सकता.

गौरतलब है कि सोनू पंजाबन और संदीप बेदवाल को विगत 16 जुलाई को मानव तस्करी, बच्ची के अपहरण और देह व्यापार का धंधा कराने में दोषी करार दिया गया था. बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए सजा पर बहस हुई. कोर्ट ने संदीप बेदवाल और सोनू पंजाबन को दोषी ठहराते हुए उनकी सजा पर 16 जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था. 

बता दें कि साल 2014 में दिल्ली के नजफगढ़ थाने में एक केस दर्ज हुआ था. जिसमें नाबालिग लड़की को देह व्यापार में जबरन धकेलने के आरोप में सोनू पंजाबन और उसके 6 साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की. लेकिन बाद में मामले की जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई थी. साल 2017 में सोनू पंजाबन समेत उसके साथी संदीप को गिरफ्तार कर लिया गया.