सोनिया गांधी की पार्टी नेताओं के साथ बैठक, आर्थिक मंदी की चिंता के साथ मोदी सरकार को लेकर कही ये बात …

नई दिल्ली. कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं और प्रदेश अध्‍यक्षों की बैठक की. सोनिया गांधी ने आर्थिक मंदी को लेकर चिंता जताई. इसके साथ ही सोनिया ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा. अंतरिम अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार सोनिया ने बड़ी बैठक की.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने गुरुवार को कहा कि ये सोशल मीडिया पर आक्रामक होना ही पर्याप्त नहीं है क्योंकि ‘लोकतंत्र खतरे में है और जनादेश का दुरुपयोग किया जा रहा है’.

सोनिया गांधी ने कहा, ‘आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर है, घाटा बढ़ रहा है. आर्थिक नुकसान से लोगों को ध्यान हटाने के लिए सरकार सिर्फ बदले की राजनीति करने में जुटी हुई है.’

बैठक को संबोधित करते हुए Sonia Gandhi ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के पास एजेंडा होना चाहिए और केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना पर्याप्त नहीं है.

सोनिया गांधी ने कहा कि ‘आज लोकतंत्र खतरे में है. सबसे खतरनाक अंदाज में जनादेश का दुरुपयोग और दुरुपयोग किया जा रहा है.

स्वतंत्रता सेनानियों और गांधी, पटेल, अंबेडकर जैसे नेताओं के सच्चे संदेशों का गलत इस्तेमाल कर वह अपना नापाक एजेंडा पूरा करना चाहते हैं.’

इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मंत्री मनमोहन सिंह सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, प्रियंका गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, एके एंटनी, हरीश रावत ,शक्ति सिंह गोहिल समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे.

बैठक में नेताओं ने अर्थव्यवस्था में मौजूदा मंदी पर भी चर्चा की. सोनिया ने कहा कि ‘आर्थिक स्थिति बहुत गंभीर है. नुकसान बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘हमें और बेहतर करने की जरूरत है. हमारे लिए अब लोगों के पास जाना सबसे महत्वपूर्ण है.’

बैठक में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150 वीं जयंती की तैयारियां, सदस्यता अभियान और कार्यकर्ता प्रशिक्षण को लेकर को चर्चा हुई.

कांग्रेस इस समय सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है. अनुच्छेद 370 को लेकर जहां राष्ट्रीय स्तर के नेताओं पर आपसी मतभेद उभरकर सामने आए तो राज्यों में भी आपस में पटरी नहीं खा रही है.

मध्य प्रदेश में जहां सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच पटरी नहीं खा रहे हैं तो राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तनातनी साफ दिखाई दे रही है.

कांग्रेस (Congress) ने तीन राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का फैसला किया है और इस बैठक में इसी की रूप रेखा तैयार की जाएगी.

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नई दिल्ली. कांग्रेस की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं और प्रदेश अध्‍यक्षों की बैठक की. सोनिया गांधी ने आर्थिक मंदी को लेकर चिंता जताई. इसके साथ ही सोनिया ने मोदी सरकार पर भी निशाना साधा. अंतरिम अध्यक्ष का पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार सोनिया ने बड़ी बैठक की.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने गुरुवार को कहा कि ये सोशल मीडिया पर आक्रामक होना ही पर्याप्त नहीं है क्योंकि ‘लोकतंत्र खतरे में है और जनादेश का दुरुपयोग किया जा रहा है’.

सोनिया गांधी ने कहा, ‘आर्थिक स्थिति बेहद गंभीर है, घाटा बढ़ रहा है. आर्थिक नुकसान से लोगों को ध्यान हटाने के लिए सरकार सिर्फ बदले की राजनीति करने में जुटी हुई है.’

बैठक को संबोधित करते हुए Sonia Gandhi ने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी के पास एजेंडा होना चाहिए और केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहना पर्याप्त नहीं है.

सोनिया गांधी ने कहा कि ‘आज लोकतंत्र खतरे में है. सबसे खतरनाक अंदाज में जनादेश का दुरुपयोग और दुरुपयोग किया जा रहा है.

स्वतंत्रता सेनानियों और गांधी, पटेल, अंबेडकर जैसे नेताओं के सच्चे संदेशों का गलत इस्तेमाल कर वह अपना नापाक एजेंडा पूरा करना चाहते हैं.’

इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री मंत्री मनमोहन सिंह सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, प्रियंका गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, एके एंटनी, हरीश रावत ,शक्ति सिंह गोहिल समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे.

बैठक में नेताओं ने अर्थव्यवस्था में मौजूदा मंदी पर भी चर्चा की. सोनिया ने कहा कि ‘आर्थिक स्थिति बहुत गंभीर है. नुकसान बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि ‘हमें और बेहतर करने की जरूरत है. हमारे लिए अब लोगों के पास जाना सबसे महत्वपूर्ण है.’

बैठक में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) की 150 वीं जयंती की तैयारियां, सदस्यता अभियान और कार्यकर्ता प्रशिक्षण को लेकर को चर्चा हुई.

कांग्रेस इस समय सबसे बड़े संकट के दौर से गुजर रही है. अनुच्छेद 370 को लेकर जहां राष्ट्रीय स्तर के नेताओं पर आपसी मतभेद उभरकर सामने आए तो राज्यों में भी आपस में पटरी नहीं खा रही है.

मध्य प्रदेश में जहां सीएम कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच पटरी नहीं खा रहे हैं तो राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तनातनी साफ दिखाई दे रही है.

कांग्रेस (Congress) ने तीन राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का फैसला किया है और इस बैठक में इसी की रूप रेखा तैयार की जाएगी.

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