मुजफ्फरपुर के अस्पताल के बाहर लगे नीतीश 'गो बैक' और मुर्दाबाद के नारे….

नई दिल्ली. बिहार में चमकी बुखार से अब तक करीब 128 बच्चों की मौत के बाद सीएम नीतीश कुमार आज मुजफ्फरपुर के अस्पताल पहुंचे. जैसे ही वो अस्पताल परिसर में पहुंचे उनके नाम पर मुर्दाबाद के नारे लगाए गए. बच्चों की मौत से गुस्साए परिजनों ने नीतीश कुमार का विरोध किया.

बच्‍चों की लगातार मौत के 17 दिन बाद पहुंचे मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार को देखते ही लोगों का गुस्‍सा फूट पड़ा. यहां उन्हें लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है. स्थानीय लोग एसकेएमसीएच अस्पताल के बाहर उनके खिलाफ प्रदर्शन किया और नीतीश गो बैक और मुर्दाबाद के नारे लगाए.

नीतीश जब अस्‍पताल में इंसेफेलाइटिस पीड़‍ितों से मुलाकात कर रहे थे तो मौजूद लोगों ने उन्‍हें काले झंडे दिखाए और जमकर विरोध किया. नीतीश कुमार करीब 2 बजे इस पर बात करेंगे.

लोगों ने अस्‍पताल में स्‍टाफ और सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया. मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अभी तक 108 से ज्यादा बच्‍चों की मौत हो चुकी है.

पिछले 17 दिनों में 128 बच्चों की मौत होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नींद टूटी है. वह आज को मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) का दौरा करने पहुंचे.

बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार ने जमकर तांडव मचाया हुआ है. बिहार में लगातार बच्चों की मौत का सिलसिला बढ़ता जा रहा है. बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़कर 107 हो गई है, वहीं अस्पतालों में भर्ती बीमार बच्चों की संख्या बढ़कर 414 हो गई है

एक्यूट एन्सेफलाइटिस सेंड्रोम (AES) की वजह से अब तक 107 से ज्यादा बच्चे अपनी जान गंवा चुके हैं. इस बीमारी के चलते नीतीश कुमार ने सोमवार को अपने पटना आवास में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ चमकी बुखार को लेकर बैठक भी की थी.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ बीमारी से पहले एक्शन नहीं लेने के आरोप में केस दर्ज हुआ है. बच्चों की मौत पर मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है.

बिहार में महामारी की तरह फैल रहे चमकी बुखार को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को उच्चस्तरीय बैठक की.

नीतीश कुमार की बैठक में फैसला किया गया कि चमकी से प्रभावित बच्चों को निशुल्क एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी और पूरे इलाज का खर्च सरकार उठाएगी. वहीं इस बीमारी से मरने वालों के परिजनों को 4 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा.

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुजफ्फरपुर जिले में इंसेफेलाइटिस वायरस की वजह से बच्चों की मौत की बढ़ती संख्या पर सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार सरकार से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक नोटिस जारी किया है. मानवधिकार आयोग ने चार हफ्तों में जवाब मांगा है.

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