यूपीः कोरोनाकाल में जरूरतमंदों के मददगार बने सीतापुर के पूर्व विधायक

Former MLA Ram Narayan Verma
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सीतापुर, यूपी।

कहते हैं कि जब किसी राजनीतिक व्यक्ति को राजनीति से विरक्ति हो जाती है तो वह फिर पलटकर उस ओर नहीं देखना पसंद करता. आज की राजनीति में जहां 70-75 वर्ष की आयु होने पर लोग चुनाव लड़ने में भी संकोच नहीं करते, तो वहीं सीतापुर जिले में एक ऐसे पूर्व विधायक भी हैं जो लगभग 35 वर्ष पूर्व ही राजनीति से दूर रहकर आज 75 वर्ष की आयु में कोरोना आपदा में जरूरत मंदों की मदद के साथ चिकित्सीय परामर्श व इलाज दोनों निःशुल्क कर रहें हैं.

 जून माह की 29 तारीख को अपने 75 वर्ष पूर्ण कर रहे सीतापुर के महमूदाबाद विधानसभा से पूर्व विधायक रहे व प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक डॉ राम नारायण वर्मा  जरूरतमंद, बीमार लोगों को लॉक डाउन के दौरान पिछले 75 दिनों से लगातार निःशुल्क मास्क व दवाएं दे रहें हैं. तहसील महमूदाबाद में गरीबों के मसीहा के रूप में मशहूर डॉ वर्मा एलोपैथी के साथ आयुर्वेद के इलाज से लोगों को कोरोना के खतरे के प्रति सजग व बचाव के तरीके बता रहे हैं.

लॉकडाउन में बांटे 8 हजार मास्क, एक हजार लोगों का किया इलाज

 पूर्व विधायक डॉ राम नारायण वर्मा आयुर्वेद के चिकित्सक हैं. कोरोना आपदा में दो गज की दूरी बनाकर, सेनिटाइजर व मास्क के साथ कोरोना से बचाव का लोगों को चिकित्सकीय परामर्श निःशुल्क दे रहें है.

लोगों को कोविड-19 से बचाव की सावधानियों से सचेत करने के लिए उन्होंने अपने क्लीनिक व क्षेत्र में पोस्टर भी लगवाएं हैं. वर्मा ने बड़े कागजों पर इसके खतरे के प्रति आगाह व जागरूक करने के स्लोगन बनवाकर लोगों से साबुन से हाथ धोने व एक दूसरे से हाथ ना मिलाने, घर से बाहर कम निकलने तथा गले न लगने की अपील कर रहे हैं.

कोरोना से बचाने में मददगार आयुर्वेद पद्धति

पूर्व विधायक लोगों से इस आपदा में आयुर्वेद का अधिक से अधिक प्रयोग करने की सलाह दे रहे हैं. अजवाइन, दालचीनी, मुलेठी, अदरक, तुलसी, नींबू, गुड़ व काढ़ा का प्रयोग करने के साथ-साथ 30 मिनट तक नियमित व्यायाम तथा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद की अश्वगंधा, शतावर, गिलोय का प्रयोग करने की सलाह लगातार दे रहे हैं.

बनवाए 10 हजार मास्क

वर्मा ने बताया कि मेरे द्वारा लाकडाउन में 10 हजार मास्क बनवाए गए थे, जिसमें से लगभग 8000 से अधिक वितरित किए जा चुके हैं. साथ ही सैनिटाइजर भी वितरित किया गया है.

दुर्घटना में घायल हुए लोगों का भी मुफ्त इलाज

महमूदाबाद व उसके आसपास क्षेत्र में लॉक डाउन के दौरान श्री वर्मा की क्लीनिक पर कई ऐसे मरीज आए जो पुलिस की पिटाई से गंभीर रूप से घायल थे, उनके अनुसार पुलिस ने इंसानों की पिटाई जानवर समझकर की थी, ऐसे लोगों का उन्होंने निशुल्क इलाज किया. श्री वर्मा बताते हैं कि तकरीबन 10 से अधिक ऐसे मरीज आए जिन्हें टांके तक लगाने पड़े, पुलिस ने निर्दयता पूर्वक पीटा था. ऐसे लोग जब मेरी क्लीनिक पर आए तो मैंने उनका निशुल्क इलाज किया.

लॉकडाउन में सांप काटे मरीजों का निःशुल्क उपचार

पूर्व विधायक श्री वर्मा ने न्यूज एजेंसी “हिन्दुस्थान समाचार” से बताया कि लॉक डाउन में क्षेत्र से 20 ऐसे गंभीर मरीज आए जिन्हें कोरोना के अतिरिक्त अन्य बीमारियां थी, इनमें से 10 से अधिक सांप काटने के मरीज थे. उन मरीजों का मैंने निशुल्क इलाज कर जान बचाई.

वर्मा बताते हैं कि लॉकडाउन में निजी चिकित्सकों के क्लीनिकों को भी खोलने के आदेश नहीं थे, वहीं सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर उनका इलाज भी नहीं करने को तैयार थे. मन में विचार आया कि इलाज के अभाव में किसी की जान ना जाए, इस कारण मैंने ऐसे असहाय व जरूरतमंद लोगों का इलाज कर उन्हें बचाकर चिकित्सक के साथ राष्ट्र के एक जिम्मेदार नागरिक का भी फर्ज निभाने का प्रयास किया.

कोरोना आपदा में आज के जनप्रतिनिधियों की उपयोगिता पर वे कहते हैं कि आज और तब की राजनीति में जमीन आसमान का अंतर हो गया है. इस समय सरकार सिंगल मैन की है, इसलिए न तो किसी जनप्रतिनिधि की उपयोगिता मैं देखता हूं, और न ही किसी की सक्रियता.

वर्मा को लाकडाउन में निजी चिकित्सकों के क्लीनिक को न खोलने के आदेश का मलाल है,वे कहते हैं कि गर्मी बढ़ रही है, इस कारण अन्य मरीजों की भी संख्या बढ़ेगी. इससे बीमारी बढ़ने का खतरा रहेगा. शासन और प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए निजी चिकित्सालय को खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए.

हिन्दुस्थान समाचार/महेश