बाबा शोभन सरकार ब्रह्मलीन, अंतिम दर्शन को उमड़ा हुजूम, उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां

नई दिल्ली. उन्नाव के डौंडियाखेड़ा गांव में 1000 टन सोने के भंडार की भविष्यवाणी करने वाले बाबा शोभन सरकार का आज निधन हो गया है. बाबा शोभन सरकार ने सुबह 5 बजे अपने आश्रम स्थित आरोग्यधाम अस्पताल में अंतिम सांस ली.

लॉकडाउन भूल भक्त पहुंचे दर्शन करने- कानपुर के बिठूर में स्थित बंदी माता घाट पर बुधवार दोपहर बाबा शोभन सरकार के पार्थिव शरीर को गंगा में प्रवाहित किया गया. इस दौरान वहां पर बाबा के हजारों भक्त मौजूद रहे. बाबा के भक्त कोरोना का खौफ भूल गए और लॉकडाउन की परवाह किए बगैर अंतिम दर्शन के लिए भारी संख्या में भक्त सुनौडा आश्रम पहुंचे.

हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं किया गया. पुलिस ने लोगों को रोकने का काफी प्रयास किया लेकिन वो नहीं माने और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए बाबा शोभन सरकार की अंतिम यात्रा में शामिल हुए.

पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग- इससे पहले शिवली रोड पर ब्रह्मलीन महंत की अंतिम यात्रा में पीछे चल रहे वाहनों को चौबेपुर में पुलिस ने रोका, भीड़ रोकने के लिए पुलिस को बल का प्रयोग करना पड़ा.

भक्तों में शोक की लहर- शोभन सरकार के निधन से भक्तों में शोक की लहर है. कानपुर देहात के शिवली कोतवाली क्षेत्र के बैरी में बने उनके आश्रम में अंतिम दर्शन के लिए भक्त पहुंचे शोभन सरकार का अंतिम संस्कार चौबेपुर के सुनौहरा आश्रम में गंगा किनारे किया गया.

डौंडिया खेड़ा में सोने का खजाना की भविष्यवाणी करके चर्चा में आए- महंत विरक्तानंद सरस्वती शोभन सरकार के नाम से विख्यात थे. शोभन उन्नाव के डौंडिया खेड़ा में सोने का खजाना की भविष्यवाणी करके चर्चा में आए थे. इसके साथ ही देश-विदेश की मीडिया की सुर्खियों में रहे थे.

11 साल की उम्र में प्राप्त हुआ था वैराग्य- शोभन सरकार का वास्तविक नाम महंत विरक्ता नन्द था. इनका जन्म जन्म कानपुर देहात के शिवली में हुआ था. पिता का नाम पंडित कैलाशनाथ तिवारी था. कहा जाता है कि शोभन सरकार को 11 साल की उम्र में वैराग्य प्राप्त हो गया था.

हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के 10 साल बाद उन्होंने घर छोड़ दिया और वो स्वामी सत्संगानंद के अनुयायी बन गए. कपड़े के नाम पर वो सिर पर साफा बांधते थे, गेरुए रंग की लंगोट पहनते थे और सिर पर चादर बांधते थे और बदन पर अंगवस्त्र होता था. शोभन सरकार ने गांव के लोगों के लिए कई तरह के जनहित के काम किए हैं.

सरकार की हुई थी किरकिरी- शोभन सरकार 2013 में काफी चर्चा में रहे थे. उन्होंने केंद्र सरकार को बताया था कि उन्हें सपने में आया है कि डोंडिया खेड़ा में 1000 टन सोना छिपा है.

उनके कहने पर तत्कालीन मनमोहन सरकार ने डोंडिया खेड़ा में ऑर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की टीम लगाकार खुदवाई का काम शुरू करवाया था. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शोभन सरकार के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

कई दावेदार आए थे सामने- खजाने की खोज में हो रही खुदाई के दौरान ही कई दावेदार भी सामने आ गए थे. कई लोगों ने राजा के वंशज होने का दावा किया था और उन्नाव में डेरा जमा दिया था. कई ग्रामीणों ने भी सोने पर मालिकाना हक जताया था.

खजाना मिले बिना ही केंद्र सरकार ने भी घोषणा कर दी थी कि खजाने पर सिर्फ देशवासियों का अधिकार होगा.
बता दें शोभन सरकार के सपने के आधार पर खजाने की खोज पर केंद्र और प्रदेश सरकार की खूब किरकिरी भी हुई थी.

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