राहुल का कंफ्यूजन, बीजेपी का पलटवार

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी  के इस बयान पर कि मैं कन्फूज हो गया था. इस पर भाजपा ने पलटवार किया है. मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज चौहान ने राहुल गांधी के अनुसार कांग्रेस हमेशा ही उन पर इस तरह के आरोप लगाती रही है. और अब उनके बेटे कार्तिकेय को भी इसमें शामिल कर दिया. जो दुर्भाग्यपूर्ण है. वहीं शिवराज चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा किया है.
राहुल गांधी ने झाबुआ में चुनावी रैली के दौरान पनामा पेपर और व्यापम घोटाले का मुद्दा उठाया. लेकिन राहुल गांधी अपने भाषण में इतना खो गए कि उन्होनें पानामा पेपर्स मामले में मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान के बेटे कार्तिकेय का नाम भी ले लिया.
राहुल गांधी ने कहा- ‘पनामा मामले में सीएम शिवराज के बेटे का नाम आने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. जबकि पाकिस्तान ने पनामा मामले में अपने पूर्व पीएम के खिलाफ कार्रवाई की.’
राहुल के इतने बड़े बयान के बाद हंगामा होना तो लाजमी था. जिसके बाद राहुल गांधी को खुद सामने आकर कहना पड़ा कि उन्होनें ये बात कन्फ्यूजन में कह दी थी. पर लगता है राहुल को अब अपने कन्फ्यूजन की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है. राहुल के पनामा पेपर्स में कार्तिकेय चौहान का नाम लेने पर शिवराज चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान ने उन पर मानहानि का मुकदमा दर्ज कर दिया है.
मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज चौहान ने राहुल गांधी के पनामा पेपर्स में उनके बेटे का नाम लेने के बाद ट्वीट करते हुए कहा था कि- “अगर कोई जूनियर नेता ऐसा आरोप लगता, तब बात अलग होती लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष खुद इस तरह के आरोप लगा रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण है. हम मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे.हालांकि अगर वह राहुल माफी मांगते हैं तो इस पर विचार करूंगा.” लेकिन शायद कार्तिकेय राहुल गांधी की माफी से मानने वाले नहीं है. इसलिए कार्तिकेय चौहान ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा ठोक दिया है.
आपको बता दें रैली के दौरान दिए अपने बयान पर गलती मानते हुए राहुल ने कहा कि “बीजेपी में इतना भ्रष्टाचार है कि कल मैं कन्फ्यूज हो गया था.” राहुल गांधी ने आगे कहा कि “मध्य प्रदेश के सीएम ने पनामा नहीं किया, उन्होंने तो ई-टेंडरिंग और व्यापम घोटाला किया है.”
हालांकि राहुल गांधी हमेशा ही इतने कन्फ्यूज रहते है जिस वजह से उनके कन्फ्यूजन के कारण उनका सोशल मीडिया पर भी काफी मजाक उड़ता है.
कब-कब फिसली राहुल की ज़ुबान
राहुल गांधी ने साल 2015 में छुट्टियों से लौटने के बाद एक किसान रैली को संबोधित किया. रैली के दौरान अपने भाषण में राहुल ने मनमोहन सिंह को पीएम कहकर संबोधित किया.जबकि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है.
पेट्रोल की बढ़ती कीमत पर लोकसभा में बहस करते हुए राहुल ने कहा था कि “पेट्रोल 130 बैरल प्रति डॉलर हुआ करता था. आज 35 रुपए बैरल है.” जिस पर किसने पीछे से आवाज देकर कहा था कि डॉलर में है भाई. जिसके बाद राहुल गांधी ने सॉरी बोलते हुए अपने वाक्य को ठीक किया और कहा- मैं आरएसएस से नहीं हूं, गलतियां करता हूं. मैं जनता को सुनता हूं, उनकी बात समझने की कोशिश करता हूं, फिर हाउस में बोलता हूं.
मनरेगा योजना को लेकर राहुल गांधी ने एक बार कहा था कि प्रधानमंत्री जी यहां खड़े होते हैं, कहते हैं, नारेगा जैसी बेकार योजना मैंने कभी नहीं देखी. जिसके बाद किसी ने पीछे से कहा था कि नारेगा नहीं मनरेगा है.
खैर राहुल गांधी इतने भोले है कि उन्हें भाषण के दौरान अक्सर कन्फ्यूजन हो ही जाती है. लेकिन इस बार का कन्फ्यूजन राहुल को मंहगा पड़ने वाला है. शिवराज के बेटे कार्तिकेय ने राहुल पर मानहानि का मुकदमा किया है. जिसे राहुल का आसानी से तो पीछा नहीं छूटने वाला है. वहीं मध्य प्रदेश में चुनावों को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी जुबानी जंग तेज होती जा रही है.