#ELECTION2019: शत्रुघ्न सिन्हा इस दिन थामेंगे CONGRESS का हाथ….

नई दिल्ली. बीजेपी के पूर्व बागी नेता और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अब कांग्रेस का हाथ थामेंगे. शत्रुघ्न सिन्हा 28 मार्च को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण करेंगे. माना जा रहा है किवो पटना साहिब से ही चुनाव लड़ेगे.

इससे पहले ‘बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर लगातार निशाना साधते रहे हैं. लोकसभा चुनाव में बीजेपी की तरफ से नजरअंदाज होने के बाद शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस की तरफ से अपने पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ेंगे.

महागठबंधन के टूटे हुए तार को जोड़ने में पटना साहिब क्षेत्र से सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बड़ी भूमिका निभाई. पटना साहिब सीट से ‘बिहारी बाबू’ केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं.

हालांकि महागठबंधन के उम्मीदवार के नाम की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन उनको टिकट मिलना तय माना जा रहा है. शत्रुघ्न सिन्हा पटना साहिब से दो बार सांसद रहे हैं. इस बार उनका मुकाबला बीजेपी के कद्दावर नेता रविशंकर प्रसाद से होने वाला है.

सोशल मीडिया पर लगातार पीएम मोदी के विरोध में और कांग्रेस के पक्ष में लिखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने इससे पहले राहुल गांधी की जमकर तारीफ की और उन्हें ‘मास्टर ऑफ सिचुएशन’ बताया है.

28 मार्च को दिन के ग्यारह बजे दिल्ली स्थित पार्टी के कार्यालय में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे. उसके बाद वो एक अप्रैल को पटना पहुंचेंगे और प्रेस को इसकी जानकारी देंगे.

शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस ज्वाइन करने की खबरें पिछले कई दिनों से मीडिया में आ रही थीं, लेकिन इसे लेकर फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना था. इससे पहले भी शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा था कि सिचुएशन चाहे जो रहे लोकेशन वही रहेगा. तो, अब शत्रुघ्न सिन्हा के सामने बीजेपी नेता रविशंकर होंगे.

इससे पहले सोमवार को कांग्रेस के नेता अखिलेश सिंह ने भी साफ कर दिया है कि शत्रुघ्न सिन्हा 28 मार्च को कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे.

बिहारी बाबू लगातार नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचक करते रहे हैं. वह कई बार विपक्षी नेताओं से मिलते रहे हैं. उन्होंने विपक्षी नेताओं के साथ मंच भी साझा किया. उनके पटना साहिब से टिकट कटने की मुख्य वजहें यही मानी जा रही हैं. हाल ही में उन्होंने ट्विटर पर इस बात का संकेत दिया था कि वे पार्टी को छोड़ सकते हैं.