नई दिल्ली. देश में इस समय चुनाव के लिए मतदान चल रहे हैं. अब सिर्फ अंतिम चरण के लिए मतदान बाकी रह गए हैं. इसके बाद 23 मई को लोकसभा चुनवा के नतीजे आने हैं. ऐसे में पूरा देश टकटकी लगाकर नतीजों का इंतजार कर रहा है.

इन नतीजों का इंतजार सिर्फ पार्टियों और आम जनता को ही नहीं है. बल्कि इन नतीजों का इंतजार शेयर बाजार भी टकटकी लगा कर रहा है.

नतीजों का हो रहा इंतजार-

जब से चुनाव के लिए मतदान शुरू हुए हैं तब से ही शेयर बाजार में उतथ-पुथल चालू हो गई है. ऐसे में एक्सपर्ट का मानना है कि 23 मई को भी बाजार में भारी हलचल देखने को मिलने वाली है. साथ ही एक्सपर्ट का यह भी मानना है कि अगर चुनाव परिणाम बिल्कुल हैरतअंगेज रहे तो भी शेयर बाजार में 10 प्रतिशत से ज्यादा के उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
बता दें कि इस समय बाजार गिरावट का सामना कर रहा है. बीते कुछ दिनों में तो बाजार की हालत इस कद्र तक खराब हो गई थी कि शेयर बाजार 10 साल के सबसे निचले स्तर पर चला गया था.

गिरावट झेल रहा है बाजार-

बाजार में चल रही गिरावट के कई कारण है. लेकिन इस का सबसे बड़ा कारण देश में चल रही राजनीतिक अस्थिरता है. राजनीति के पंडितों का कहना है कि इस बार पूर्ण बहुमत की नहीं बनेगी.इन कायसों से निवेशकों में एक डर का माहौल बना हुआ है.निवेशक भारतीय बाजार पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं. निवेशक और अधिक निवेश करने की जगह अपना पैसा बाजार से निकालना ही सही मान रहे हैं.

ये है बाजार में गिरावट का कारण-

शेयर बाजार में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वॉर है. दोनों देशों के बीच हर दिन तनाव बढ़ता ही जा रहा है. इस तनाव का बुरा असर न सिर्फ भारतीय बाजार पर पड़ रहा है, बल्कि इसका बुरा असर एशियाई बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है.

ऐसा होगा नतीजों पर बाजार का रिएक्शन-

कई मीडिया रिपोर्टस और रूझानों की माने तो इस बार एक बार फिर एनडीए सत्ता में वापसी करने वाली है. ऐसे में अगर ये होता है तो निफ्टी 10 फीसदी की उछाल के साथ 12,500 के आसपास का स्तर छू सकता है.साथ ही सेंसेक्स एक बार फिर 39,000 के स्तर पर वापसी कर सकता है.
बता दें कि इस समय सेंसेक्स 37000 के स्तर पर है.वहीं निफ्टी 11,000 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.

दिख सकती है तेजी-

अगर ये रूझान सोच से एकदम परे रहे यानी कांग्रेस की सत्ता में वापसी हो जाती है तो ऐसा माना जा रहा है कि सेंसेक्स और निफ्टी में 10 से 12 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है.ऐसा भी हो सकता है की कांग्रेस की सत्ता में वापसी पर बाजार अच्छा रिएक्शन दे और तेजी दिखाए.