शंकराचार्य अधोक्षजानंद के शिविर में रुद्र महायज्ञ का शुभारम्भ

कुम्भ नगरी में गुरुवार को गोवर्धन मठपुरी के जगदगुरु स्वामी शंकराचार्य अधोक्षजानंद महाराज के शिविर में रुद्र महायज्ञ और भागवत महापुराण की शुरुआत हो गई. सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भागवत का रस पान किया.

कुम्भ नगरी में जगह-जगह हो रहे मधुर वचनों से ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे हर कण में सरस्वती का वास है. मेला क्षेत्र के सेक्टर-13 स्थित स्वामी शंकराचार्य अधोक्षजानंद महाराज के शिविर में रुद्र महायज्ञ और भागवत महापुराण की शुरुआत स्वस्तिवाचन, नवग्रह पूजा, षोडस मात्रिका, गौरीगणेश पूजन, सर्वतोभद्र पूजन, अति लिंगतोभद्र, वास्तु देवता, दशदिगपाल, पंचलोकपाल, चौसठ योगिनी का आह्वान और स्थापना और पूजन से हुई.

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इसी के साथ आद्य शंकराचार्य की दो हजार पांच सौ वर्ष पुरानी चरण पादुका का पूजन किया गया. वृन्दावन से आये कथावाचक गोपाल कृष्ण शास्त्री ने भागवत सप्ताह कथा का रसपान सैकड़ों श्रद्धालुओं को कराया.

कथा की शुरुआत में श्रवण विधि, श्रोता वक्ता के नियम का वर्णन हुआ और धुन्धकारी की कथा सुनाई गई. शिविर में ये कथा 13 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 6 से 8 बजे तक सुनाई जाएगी व देवमण्डल पूजन होगा.

उसके बाद सुबह 08 से दोपहर 02 बजे तक वेद, पुराणों का पाठ और जप किया जायेगा. दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक हवन यज्ञ होगा और शाम 5 से 7 बजे तक भागवत कथा चलेगी. वहीं रात को 7 से 8 बजे तक पूज्य शंकराचार्य प्रतिदिन पने भक्तों को आशीर्वचन देते हुये कई अच्छी बातों और समाज में फैली कुरीतियों से दूर होने के लिये रास्ते भी बताएंगे.

हिन्दुस्थान समाचार/अवनीश