सेंसेक्स में दिखी इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट, आगे भी कोरोना के हाथों में ही रहेगी बाजार की लगाम

नई दिल्ली. कोरोना के कहर का असर काफी दिनों से शेयर बाजार पर साफ-साफ देखा जा रहा है. लेकिन आज कोरोना से हुई वीं मौत के बाद शेयर बाजार जैसे पस्त हो गया . गिरावट इस हद तक बढ़ गई की बाजार को 45 मिनट तक के लिए बंद करना पड़ गया.

आज बाजार ने खुलते ही चंद सेंकेंडों में गिरावट का एक नया रिकॉर्ड बना लिया. कारोबारी दिन के अंत में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला. सेंसेक्स 3934.72 अंक गिरकर 25,981.24 पर और निफ्टी 1,110.85 पॉइंट नीचे 7,634.60 पर बंद हुआ. बाजार में 13 मार्च के बाद दूसरी बार लोअर सर्किट लगने की वजह से ट्रेडिंग 45 मिनट रुकी, लेकिन सोमवार को रिकवरी नहीं हो पाई.

सोमवार को शुरुआती एक घंटे के कारोबार में ही सेंसेक्स 10% गिर गया. इस वजह से लोअर सर्किट लिमिट लागू हो गई और 45 मिनट के लिए ट्रेडिंग रुक गई. बाजार फिर से खुला तो भी गिरावट नहीं थमी. इससे पहले 13 मार्च को भी लोअर सर्किट लगा था, लेकिन बाजार फिर से खुला तो रिकवरी हो गई और बढ़त के साथ बंद हुआ था. एक्सपर्ट का कहना है कि आगे भी कोरोना वायरस के हाथों में ही रहेगी बाजार की लगाम.

इस साल जनवरी के मध्य में शुरू हुई इस महामारी से बीएसई 500 की सूची में शामिल कंपनियों की 44 लाख करोड़ रुपये की पूंजी डूब गई है. अपने सर्वोच्च स्तर पर इनका बाजार पूंजीकरण 150 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक था.

अब नजर अगर शेयरों पर डाली जाये तो निफ्टी और सेंसेक्स के कोई भी शेयर बढ़त नहीं दिखा सके हैं. आज लगभग सभी शेयरों ने अपनी शुरूआत गिरावट के साथ की साथ ही करोबारी दिन का अंत भी गिरावट के साथ ही किया है.

कोरोना का प्रकोप शेयर बाजार के निवेशकों के लिए सोमवार को बहुत भारी पड़ा. शेयर बाजार की भारी गिरावट की वजह से कारोबार के शुरुआती एक घंटे में ही निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं.

Axis Bank,Indusind 20 फीसदी से ज्यादा टूटे हैं. ICICI बैंक भी 15 फीसदी से ज्यादा फिसला है. Hero Moto और  Maruti में 12 से 14 फीसदी की गिरावट गई है. कई ऑटो कंपनियों ने 31 मार्च तक प्रोडक्शन बंद कर दिया है. कोरोना के बढ़ते कहर ने बाजार में घबराहट और बढ़ा दी है.

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