हाथरस केसः वकील सीमा कुशवाहा-एपी सिंह फिर से चर्चा में, निर्भया केस के बाद फिर आमने-सामने

Seema Kushwaha Vs AP Singh
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देश के दो नामी वकील एक बार फिर से चर्चा में हैं. जी हां, हम बात कर रहे हैं एपी सिंह और सीमा कुशवाहा. दोनों पहली बार निर्भया केस में आमने-सामने आए, और देश-दुनिया में मशहूर हो गए. निर्भया केस में वकील सीमा कुशवाहा ने निर्भया को इंसाफ दिलाया और दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया.

तो वहीं एपी सिंह ने भी बड़ी बहादुरी के साथ इस केस को लड़ा. इस दौरान उन्हें कई धमकियां मिलीं, इसके बाद भी वो दोषियों की तरफ से केस लड़ते रहे, और साबित कर दिया कि भारतीय कानून व्यवस्था में कितनी खामियां हैं. अब एक बार ये दोनों वकील फिर से आमने सामने हैं.

निर्भया की तरह हाथरस में भी दरिंदों ने लड़की के साथ दरिंदगी की सारी हदों को पार कर दिया. वहशियों ने लड़की का गैंगरेप करने के बाद उसकी जबान काट दी, ताकि वो किसी को अपनी आप-बीती भी ना सुना सके. पीड़िता दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में जिंदगी की जंग हार गई.

हाथरस कांड की भयावता तब और बढ़ गई जब प्रशासन ने भी पीड़ित परिवार के साथ इंसाफ नहीं किया. पीड़ित परिवार को भरोसे में लिया बिना ही प्रशासन की ओर से रात को ही पीड़ित परिवार का अंतिम संस्कार कर दिया गया. अंतिम संस्कार में परिवार के किसी सदस्य को शामिल भी नहीं किया गया.

सीमा कुशवाहा ने कानपुर से लॉ किया

इटावा की रहने वाली सीमा कुशवाहा आज भले ही देश की बड़ी वकीलों में शुमार हो गईं हों, लेकिन उनका बचपन बड़ी गरीबी में बीता और मुफलिशी में किसी तरह उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की. सीमा कुशवाहा ने कानपुर के डीएवी कॉलेज से लॉ किया.

लॉ करने के बाद वह कुछ समय हाई कोर्ट इलाहाबाद गईं. आर्थिक तंगी के चलते प्रौढ़ शिक्षा विभाग में अनौपचारिक शिक्षक के रूप में संविदा पर नौकरी भी की. फिर साहस किया और 2012 में सुप्रीम कोर्ट चली गईं. सीमा ने वहीं मास कम्युनिकेशन की भी पढ़ाई की.

लखनऊ यूनीवर्सिटी में पढ़े हैं एपी सिंह

वहीं वकील एपी सिंह ने लखनऊ यूनीवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली. और क्रिमिनोलॉजी में डॉक्‍टरेट किया. अपने केस को लेकर वे काफी एग्रेसिव रहते हैं और बड़ी बेबाकी से अपनी दलीलें पेश करते हैं. निर्भया केस को लेकर पूरे देश में गुस्से का माहौल था.

इसके बाद भी उन्होंने आरोपियों की तरफ से केस लड़ा. और फांसी को कई बार टालने में कामयाब भी रहे. एपी सिंह के अनुसार बतौर वकील उनका कर्तव्य होता है कि वे अपने मुवक्किल की रक्षा करें. और वे सिर्फ वही करते हैं.

केस के कई पहलुओं की जांच होनी है

हाथरस कांड ने एक बार फिर से देश को झकझोर कर रख दिया है. लेकिन इस केस के कई पहलू ऐसे भी हैं, जो अनसुलझे हैं. आरोपी और पीड़िता के भाई का नाम भी एक है. पीड़िता के बयान के मुताबिक उसे संदीप ने मारा, इस नाम का आरोपी भी है और उसका भाई भी.

मामला बेहद पेचीदा है, इस केस के बहाने प्रदेश में जातीय हिंसा फैलाने की भी साजिश रची जा रही थी. पूरे मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है. अब सभी की निगाहें सीबीआई जांच पर टिकी हुई हैं.