फ्रांस से अक्टूबर में आएगा 4 राफेल्स का दूसरा बैच​

rafale jet
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  • पहली खेप में आये पांच राफेल विमान 10 सितम्बर को वायुसेना के बेड़े में होंगे शामिल
  • फ्रांसीसी रक्षा मंत्री ​​फ्लोरेंस पैली​ को भी समारोह में शामिल होने के लिए बुलाया गया

​​फ्रांस से 4 राफेल लड़ाकू जेट का दूसरा बैच​ ​अक्टूबर में भारत आएगा​​.​ पहले आ चुके 5 राफेल लड़ाकू विमानों ​को वायुसेना के बेड़े में शामिल करने ​का औपचारिक समारोह 10 ​सितम्बर को अंबाला एयर स्टेशन में आयोजित किया जाना है​ जिसके लिए एक प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा गया है​. ​इस समारोह में शामिल होने के लिए फ्रांसीसी रक्षा मंत्री ​​फ्लोरेंस पैली​ को भी आमंत्रित किया गया है​​​.​

वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि ​फ्रांसीसी लड़ाकू राफेल की दूसरी खेप में चार विमान अक्टूबर में एयरफोर्स डे के आसपास आने की उम्मीद है​.​ ​4 फाइटर जेट्स का ​यह ​दूसरा बैच ​भी ​​अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर ​राफेल के लिए बनाई गई 17 स्क्वाड्रन ‘गोल्डन एरोज’​ में ​पहुंचेगा​.​ ​29 जुलाई को ​​आ चुके पांच राफेल ​विमानों को अब वायुसेना के बेड़े में औपचारिक ​रूप से शामिल करने के लिए ​10 ​सितम्बर को​ ​​अंबाला एयर फोर्स स्टेशन पर ​ही कार्यक्रम होना है​ जिसकी मंजूरी के लिए ​​एक प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को भेजा गया है​. ​इस समारोह में फ्रांसीसी समकक्ष ​​फ्लोरेंस पैली ​ने ​शामिल ​होने की पुष्टि भी कर दी है​.​ ट्विन सीटर वाले दोनों विमानों को प्रशिक्षण के उपयोग में लाया जाना है जबकि सिंगल सीटर वाले तीन ​विमानों को इस कार्यक्रम के बाद आपरेशनल मोर्चे पर तैनात किया जाना है​.

फ्रांस से इन लड़ाकू विमानों की आपूर्ति कोविड-19 की वजह से लगभग ​तीन माह ​की ​देरी से हो रही है. फिर भी फ्रांस ने ‘दोस्ती का हाथ’ बढ़ाकर यह लड़ाकू विमान ऐसे समय में भारत को दिए हैं, जब पूर्वी लद्दाख में सीमा के मुद्दे पर चीन के साथ गतिरोध चल रहा है. ​भारत आने के बाद राफेल फाइटर जेट्स ने ​​रात के समय​ हिमाचल ​के पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान भरने का अभ्यास ​किया है. ​इसके साथ ही ​भारतीय वायुसेना के पायलटों ​ने भी पहाड़ी इलाकों में राफेल उड़ाने की ट्रेनिंग ​की ​है. करीब 1700 किलोमीटर के घेरे में अटैक करने की क्षमता रखने वाले राफेल अपने सर्कल में कहीं भी मार कर सकते हैं. इस सर्कल में पूर्वी लद्दाख, चीन के अवैध कब्ज़े वाला अक्साई चिन, तिब्बत, पाकिस्तान और पीओके है. ​वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद राफेल्स को ​चीन के साथ लगने वाली एलएसी पर ​लद्दाख सेक्टर में ​​ऑपरेशनल ​मोर्चे पर तैनात किए जाने की संभावना है.

भारत सरकार ने फ्रांस की कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 59​ हजार ​करोड़ रुपये में 36 विमानों का सौदा किया था​​​​. धीरे-धीरे सभी 36 विमानों की डिलीवरी 2021 तक पूरी हो सकती है. चार राफेल लड़ाकू विमानों का अगला सेट अक्टूबर में आएगा. जिस तरह 29 जुलाई को अंबाला पहुंचे 5 राफेल्स संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के पास अल धफरा में फ्रांसीसी एयरबेस पर उतरे थे, उसी तरह इस बार भी इनका ठहराव यूएई में होगा.

हिन्दुस्थान समाचार/सुनीत