सेबी ने निवेश सलाहकारों के लिए पात्रता नियमों को किया और सख्‍त

नई दिल्‍ली/मुंबई, 17 फरवरी (हि.स.). भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने निवेशकों के हितों की रक्षा करने और वित्‍तीय बाजारों को रेगुलेट करने के लिए सोमवार को कई कदम उठाने की घोषणा की.

बाजार नियामक इसके तहत निवेश सलाहकारों के लिये पात्रता नियमों को कड़ा करने का निर्णय किया. साथ ही उनके शुल्क की उच्च सीमा तय करने का फैसला भी किया है.

बजार नियामक सेबी ने प्रतिभूतियों के वितरण से जुड़े लोगों द्वारा स्वतंत्र वित्तीय सलाहकार या संपत्ति सलाहकार जैसे शब्दों के उपयोग करने पर भी पाबंदी लगा दिया है. हालांकि, अगर ऐसे लोग बतौर निवेश सलाहकार पंजीकृत हैं, तो वह इन शब्दों का इस्‍तेमाल कर सकेंगे. इन सुधारों को सेबी निदेशक मंडल की बैठक में मंजूरी दी गई है.

इसके अलावा निवेश सलाहकारों के कुछ नियमों में संशोधन की घोषणा करते हुए नियामक ने कहा कि जो व्यक्तिगत वित्तीय परामर्शदाता हैं, वे वितरण सेवा नहीं दे सकते. गौरतलब है कि कंपनियों को ग्राहकों के स्तर पर परामर्श और वितरण गतिविधियों को अलग करने की जरूरत होगी.

वहीं, सेबी ने निवेश सलाहकार के रूप में पंजीकरण के लिए पात्रता मानदंड को बढ़ाया है, जबकि नेटवर्थ पात्रता और अनुभव को इसमें शामिल किया गया है. हालांकि, मौजूदा व्यक्तिगत परामर्शदाताओं के लिए पुराने प्रावधान बने रहेंगे. वहीं, पारदर्शिता लाने के लिए परामर्शदाता और ग्राहक के बीच करार पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. इसमें सभी नियम एवं शर्तें शामिल होंगी.

हिन्‍दुस्‍थान समाचार/प्रजेश/सुनीत

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