ओडिशा के पुरी में होने वाली रथ यात्रा को “सुप्रीम” मंजूरी, पर माननी होंगी ये शर्तें

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नई दिल्ली. आज पूरे देश की निगाहें ओडिशा (Odisha) के पुरी (Puri) में होने वाली रथयात्रा (Rath Yatra) को लेकर देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट पर थी. सुप्रीम कोर्ट ने ओडिशा के पुरी में होने वाली जगन्नाथ यात्रा को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी है.

अदालत ने कहा कि पुरी रथ यात्रा का आयोजन मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के आपसी सामंजस्य के साथ किया जाएगा. इस मामले में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) एसए बोवडे ने तीन जजों की बेंच गठित की. इस बेंच में सीजेआई एसए बोवडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी शामिल रहे.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य से समझौता किए बिना मंदिर कमेटी, राज्‍य सरकार और केंद्र सरकार के समन्‍वय से ये आयोजन किया जा सकता है.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘हम लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य और उनकी सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते. अगर रथ यात्रा के कारण कोविड 19 (Covid 19) का जरा सा भी प्रसार हुआ तो ये देश के लिए विनाशकारी हो सकता है क्‍योंकि इसमें बड़ी संख्‍या में लोग इकट्ठा होते हैं.

इससे पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस (corona Virus) महामारी के चलते ओडिशा के पुरी और अन्य स्थानों पर आयोजित होने वाली रथ यात्रा पर रोक लगा दी थी.

पुरी में भगवान जगन्नाथ (Puri Jagannath Rath yatra) रथयात्रा पर रोक के खिलाफ 20 से ज्यादा याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई है. यह रथयात्रा 23 जून से शुरू होनी है.

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 23 जून 2020 को आयोजित होनी है. हस साल इस रथ यात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान का रथ खींचने के लिए आते हैं.