महिला शक्ति मंच पर ‘मन की बात’ में देशभर की महिलाएं कर रही दुख-दर्द सांझा

चंडीगढ़, हरियाणा।

बेशक वैश्विक महामारी कोरोना के चलते लॉकडाउन में जिदंगी थम चुकी हो, लेकिन महिलाएं लॉकडाउन में आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने की ओर कदम बढ़ा रही हैं. देशभर की महिलाएं हर रोज 2 घंटे चहारदीवारी के भीतर परिवार को सुरक्षित रखने के साथ देश की प्रगति व ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर रही हैं. यह सब साकार हो पाया है महिला खाप महापंचायत की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष दहिया के महिला शक्ति मंच के जरिए.

कोरोना महामारी से लड़ने के लिए हर व्यक्ति अपना योगदान दे रहा है. मगर राष्ट्रपति आवार्डी एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. संतोष दहिया ने महिलाओं से मन की बात सांझा करने की ओर कदम बढ़ाया. सोशल मीडिया के जरिये संतोष दहिया न केवल महिलाओं की हर समस्या का समाधान कर रही हैं, बल्कि महिलाओं को रोजगार व स्वावलंबी बनाने की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं.

देशभर में सोशल मीडिया पर महिला शक्ति मंच के जरिये 10 से ज्यादा ग्रुप चल रहे हैं. हर ग्रुप में 256-256 यानी 2500 से ज्यादा महिलाएं जुड़ी हुई हैं. डॉ. संतोष दहिया बताती हैं कि लॉकडाउन में महिलाओं को मन की बात सांझा करने का एक प्लेटफार्म दिया है, जिसमें वे अपनी बात बेझिझक होकर रख सकती हैं. ग्रुप का मकसद देश में तनाव पूर्ण माहौल को खुशमयी बनाना है.

ग्रुप में हर रोज 2 घंटे चर्चा का समय निश्चित किया गया है, जिसमें 4 से 6 बजे तक समय निर्धारित किया गया है. ग्रुप में महिलाएं न केवल देश की उन्नति को लेकर खुलकर चर्चा कर रही हैं, बल्कि ज्वलंत मुद्दों पर अपने विचार भी रख रही हैं. यही नहीं हर रोज चर्चा का विषय भी निर्धारित किया गया है, जिस पर महिलाएं अपनी राय देती हैं.

मंच से जुड़ी बुंदेलखंड की भावना गोस्वामी हरियाणा से सुनीता मलिक, पंजाब की अनीता शर्मा, हिमाचल प्रदेश की पूनम, सुंदरवाला, बिहार की ज्योति गुप्ता, झारखंड की रम्मी रानी, दिल्ली की अंजू बताती हैं कि महिला शक्ति मंच के जरिये देशभर की महिलाओं को अपनी बात रखने का मौका मिल रहा है और एक दूसरे की विचारधारा को सहजता से समझी भी रही हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/वेदपाल

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