संजय करोल होंगे पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, दो का हुआ तबादला

पटना, 17 अक्टूबर. लंबे समय तक चर्चा में रहे पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही का स्थानांतरण मद्रास हाईकोर्ट में कर दिया गया है.

इसके साथ ही जस्टिस राकेश कुमार का स्थानांतरण आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट और त्रिपुरा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने की है और इसकी संचिका केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय को भेज दी है.

पटना हाईकोर्ट से स्थानांतरित होकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट गए न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन को झारखण्ड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की अनुशंसा भी सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने की है. इसकी संचिका को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय को भेज दी है.

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय से नियुक्ति की संचिका राष्ट्रपति के यहां जाएगी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद सभी संबंधित मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश अपने-अपने स्थानांतरित वाले हाईकोर्ट में पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे.

त्रिपुरा हाईकोर्ट से स्थानांतरित होकर पटना हाईकोर्ट आने वाले न्यायाधीश संजय करोल मूलतः हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं. 25 अप्रैल 2007 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय में उन्हें न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. वहां से उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट भेज दिया गया था.

पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अमरेश्वर प्रताप शाही और न्यायाधीश राकेश कुमार के स्थानांतरण की चर्चा बहुत पहले से चल रही थी लेकिन गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम के निर्णय को प्रकाशित कर दिया गया.

जस्टिस राकेश कुमार तब विवादों में आ गए थे जब उन्होंने सेवानिवृत आईएएस केपी रमैया को जमानत पर छोड़े जाने पर आपत्ति की थी. उन्होंने जमानत प्रकरण की जांच का भी आदेश दिया था. न्यायाधीश कुमार ने अपने एक आदेश में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार को लेकर भी सवाल खड़ा किया था.

न्यायाधीश कुमार ने पटना सिविल कोर्ट में रिश्वत के मामले को लेकर भी गंभीर सवाल उठाया था. उन्होंने रिश्वतखोरी के मामले को सीबीआई से जांच कराने का भी आदेश दिया था. इस पर मुख्य न्यायाधीश एपी शाही ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की थी.

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित 11 जजों की बेंच ने जस्टिस राकेश कुमार के आदेश को निरस्त कर दिया था. मुख्य न्यायाधीश शाही का कहना था कि जस्टिस राकेश कुमार ने निष्पादित हुए मामले को अपने यहां मंगा कर नए सिरे से जो आदेश दिया वह गलत था.

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पूर्ण पीठ ने इस बात पर भी आपत्ति की थी कि निष्पादित मामले की दोबारा सुनवाई बिना मुख्य न्यायाधीश की अनुमति के नहीं हो सकती है. इतना ही नहीं मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने जस्टिस राकेश कुमार के कार्य करने पर भी रोक लगा दी थी.

न्यायपालिका की इस अंदरूनी लड़ाई को लेकर मुख्य न्यायाधीश शाही एवं न्यायाधीश राकेश कुमार लंबे समय तक चर्चा में रहे. ये भी कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी विवाद को लेकर दोनों न्यायाधीशों का स्थानांतरण किया गया.

दूसरी ओर न्यायाधीश डॉ. रवि रंजन जो पटना हाईकोर्ट से स्थानांतरित हो कर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट गए थे, उन्हें सुप्रीम कोर्ट की कॉलेजियम ने पदोन्नति देते हुए झारखण्ड हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है.

वे 19 दिसंबर 2022 को सेवानिवृत होंगे. मालूम हो कि 2008 में रवि रंजन पटना हाईकोर्ट में वकील से जज बने थे और पिछले साल 23 नवंबर को उनका स्थानांतरण पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया गया था. हिन्दुस्थान समाचार/द्विवेदी सुरेंद्र

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