मेरठ में संभल जैसी वारदात, कस्टडी से फरार हुआ कैदी, तीन सिपाही सस्पेंड

संभल में कैदी को पुलिस कस्टडी से छुड़ा ले जाने का मामला अभी शांत भी नही हुआ था. कि मेरठ में पुलिस अभिरक्षा से कैदी के फरार होने का मामला सामने आया है. कैदी हाथ में पड़ी हथकड़ी समेत फरार हो गया है. फरारी के काफी देर बाद पुलिसकर्मियों ने दिल्ली पुलिस को सूचना दी. दरअसल यूपी पुलिस कैदी को इलाज के लिए दिल्ली लाया गया था.

मेरठ पुलिस कैदी को होटल में खाना खिला रही थी. उसकी खातिरदारी कर रही थी. इस मामले में एसएसपी मेरठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है.

मनोज कुमार नोएडा का रहने वाला है मेरठ जिला कारागार में बंद था. मनोज पर टैक्स में चोरी करने का मामला चल रहा है. मनोज की तबियत खराब होने के चलते मेरठ पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल ज्वाला सिंह, कांस्टेबल अरुण कुमार और संदीप कुमार उसे एम्स दिल्ली लेकर गए थे.

जब मनोज खाना खा रहा था तो उसके नजदीक उसके परिजन भी थे लेकिन कब चकमा देकर मनोज भाग गया उनको पता तक ना चला. पहले तो यूपी पुलिस के सिपाही उसे ढ़ूढते रहे लेकिन जब वो ना मिला तो सिपाहियों ने दिल्ली पुलिस को सूचना दी.

लापरवाही बरतने पर एसएसपी अजय साहनी ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से संस्पेंड कर दिया है. वही कुछ दिन पहले संभल चन्दौसी के बनियाठेर थाना क्षेत्र में दो सिपाहियों की हत्या कर तीन बंदियों के फरार होने की घटना सामने आई थी

चंदौसी अदालत में बुधवार को पेशी के बाद मुरादाबाद जेल लौटते समय तीन बंदियों ने अचानक सिपाहियों ब्रजपाल व हरेंद्र की आंख में मिर्ची पाउडर झोंक दिया था. भाग रहे बदमाशों को जब दोनों सिपाहियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया था तो अपराधियों ने उन पर तमंचों से फायर किया और घायल सिपाही की राइफल भी छीन ली थी.

फायरिंग की आवाज सुनकर पुलिस चालक ने वाहन रोका और आगे बैठे उपनिरीक्षक व सिपाही उतरकर पीछे की तरफ भागे. इसी दौरान तीनों कैदियों ने वाहन का दरवाजा लात मारकर तोड़ दिया और शकील, कमल व धर्मपाल उतरकर फायरिंग करते हुए जंगल की ओर फरार हो गये थे.

वारदात में दो सिपाही हरेंद्र और ब्रजपाल की मौत हो गई थी. दोनों सिपाही मूल रूप से बिजनौर के रहने वाले थे. उनकी ड्यूटी मुरादाबाद जेल से बन्दियों को ले जाने वाले पुलिस वाहन में लगाई गई थी. 1981 में पुलिस विभाग में भर्ती हरेंद्र डेढ़ साल बाद सेवानिवृत्त होने थे.

मधुकर वाजपेयी / Madhukar Vajpayee

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