Lockdown के दौरान संकटमोचक बना RSS, सेक्सवर्कर्स की भी मदद की

RSS Helped during Lockdown
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लॉकडाउन में कोई भी व्यक्ति भूखा ना सोये इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के साथ साथ कई सामाजिक संस्थाएं भी गरीबों और जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं.. इस आपातकाल में संघ गरीबों के लिए संकटमोचक बनकर उभरा.

स्वयंसेवकों ने लॉकडाउन के दौरान ना सिर्फ गरीबों का बल्कि पशु-पक्षियों के भी खाने-पीने का पूरा ख्याल रखा. देश भर में संघ कार्यकर्ताओं ने जरूरतमंद लोगों के लिए भोजना और जरूरत का सामान पहुंचाने का काम किया. इसमें संघ परिवार की सभी संस्थाओं ने अपना पूरा योगदान दिया.

संघ से मिली जानकारी के अनुसार पिछले तीन दिनों में संघ परिवार के पास 10 हजार से ज्यादा लोगों ने कॉल करके मदद की गुहार लगाई. 288 कार्यकर्ताओं ने इनमें से 8 हजार से ज्यादा लोगों को तत्काल मदद पहुंचाई गई.

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लॉकडाउन के दौरान मजदूरों का पलायन सबसे बड़ी समस्या बन गया था.. केंद्र सरकार ने पलायन को रोकने के लिए राज्यों के साथ साथ समाजसेवी संस्थाओं से भी आगे आने की अपील की थी. जिसके बाद संघ परिवार ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन के बाहर 20 हजार से ज्यादा मजदूरों के खाने पीने की व्यवस्था की. और उन्हें पलायन करने से रोका.

एक परिवार के लिए एक माह के राशन की किट में 10 किलो आटा, 5 किलो चावल, 5 किलो आलू, 2 किलो दाल, रिफाइंड तेल, नमक, मिर्च, हल्दी, साबुन आदि शामिल हैं. इस कार्य में सेवा भारती भी अपनी ओर से पूरी मदद कर रही है. यही नहीं आरएसएस के कार्यकर्ताओं को जब दिल्ली के जीबी रोड इलाके में रहने वाली यौनकर्मियों के बारे में पता चला तो वे उनकी मदद करने में भी पीछे नहीं हटे.

स्वयंसेवकों ने तकरीबन एक हजार यौनकर्मियों को 2,500 किलोग्राम आटा, 1,250 किलोग्राम चावल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री वितरित की. जगह-डगह पर स्वयंसेवक लोगों की मदद करने में लगे हुए हैं. इनमें मजदूर, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, रेडी, पटरी के दुकानदार, फल, चाट बेचने वाले शामिल हैं.