RK Sinha ने राज्यसभा में उठाया बच्चों में नशे की लत का मुद्दा, PM Modi से की ये मांग

बीजेपी के राज्यसभा सांसद और हिन्दुस्थान समाचार के अध्यक्ष आरके सिन्हा ने आज (गुरुवार) राज्यसभा में बच्चों में नशीले पदार्थों के बढ़ते चलन का मुद्दा उठाया. सदन में आरके सिन्हा ने कहा कि आज 16 फीसदी से ज्यादा बच्चे नशे की चपेट में हैं. और सरकारी स्कूलों में इनकी तादात और ज्यादा है.

आरके सिन्हा ने कहा कि आज बड़ी संख्या में बच्चे शराब, तंबाकू और अन्य प्रकार के नशीले उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं. जिसमें सुलेशन और इंजेक्शन तक का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं.

शहर से गांव तक नशे का दायरा

उन्होंने कहा कि 368 स्कूलों में पढ़ने वाले 75 हजार 37 बच्चों पर सर्वे किया गया जिसमें 12 हजार 627 बच्चे नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर रहे हैं. यानी 16.8 फीसदी बच्चों को नशे की लत लग चुकी है, और वे इसकी चपेट में हैं. और इसमें 8 हजार 182 बच्चे सूखी अफीम के गोले के साथ सुपारी ले रहे हैं. और इसमें 2 हजार 613 बच्चे तंबाकू का नियमित रूप से सेवन कर रहे हैं. और 1 हजार 410 बच्चे बीड़ी और सिगरेट पी रहे हैं, इतना ही नहीं 231 बच्चे शराब, तो 191 बच्चे नशे के लिए पेट्रोल, सुलेशन और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं.

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इस गंभीर विषय पर सदन का ध्यान खींचते हुए सांसद सिन्हा ने कहा कि आज नशा गांव तक पहुंच गया है. और गरीब बच्चे भी नशे की चपेट में आ चुके हैं, जो कि एक राष्ट्रीय समस्या बन चुकी है. उन्होंने कहा कि इससे होने वाले दुष्प्रभावों से गरीब बच्चों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि बड़े घरों के बच्चे तो इलाज के लिए अस्पतालों में जा सकते हैं, लेकिन गरीब का बच्चा यदि नशे की चपेट में आ गए तो आने वाले समय में वे अपराधी बन सकते हैं.

राष्ट्रविरोधी हैं ड्रग्स माफिया

सिन्हा ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने सदन में सवाल उठाया कि जब देश में नाबालिगों तक आखिर कैसे नशीले पदार्थ या प्रतिबंधित दवाएं पहुंच जाती हैं. उन्होंने इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय को भी ध्यान देने की अपील की. उन्होने कहा कि 8-10 साल बच्चों को ये लत लगाई जा रही है.

आरके सिन्हा ने इसे एक राष्ट्रविरोधी साजिश बताया. उन्होंने कहा कि इन लोगों की पहचान करके उन्हें कठोर-कठोर से सजा दी जानी चाहिए. उन्होंने ऐसे लोगों के लिए फांसी तक की सजा की मांग की. उन्होंने कहा कि वे सदन से मांग करते हैं, और सरकार से अपील करते हैं कि ड्रग्स माफियाओं पर लगाम लगाई जाए.

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से ध्यान देने की अपील

सिन्हा ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इस पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने सदन में सवाल उठाया कि जब देश में नाबालिगों तक आखिर कैसे नशीले पदार्थ या प्रतिबंधित दवाएं पहुंच जाती हैं. उन्होंने इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय को भी ध्यान देने की अपील की. उन्होने कहा कि 8-10 साल बच्चों को ये लत लगाई जा रही है.

आरके सिन्हा ने इसे एक राष्ट्रविरोधी साजिश बताया. उन्होंने कहा कि इन लोगों की पहचान करके उन्हें कठोर-कठोर से सजा दी जानी चाहिए. उन्होंने ऐसे लोगों के लिए फांसी तक की सजा की मांग की. उन्होंने कहा कि वे सदन से मांग करते हैं, और सरकार से अपील करते हैं कि ड्रग्स माफियाओं पर लगाम लगाई जाए.

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