बिहारः RJD में टली रामा सिंह की एंट्री, रघुवंश की नाराजगी पड़ी भारी

नई दिल्ली. बिहार (Bihar) में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं उससे पहले प्रदेश में विधान परिषद का भी चुनाव होने वाला है, जिसको लेकर राजनीतिक सरगर्मी काफी तेजी से बढ़ गई है.

इन दिनों राष्ट्रीय जनता दल में राजनीतिक विरोध काफी देखने को मिल रहा है. कई नेताओं ने राजद का साथ छोड़ दिया है. RJD में चल रही उठापटक के बाद अब रघुवंश प्रसाद सिंह को मनाने के लिए बड़ी बात सामने आ रही है. राजद में अभी लोजपा (LJP) के पूर्व सांसद बाहुबली रामा सिंह (Rama Singh) की एंट्री फिलहाल के लिए टल गई है.

रामा सिंह आज राजद (RJD) ज्वाइन करने वाले थे. उनकी एंट्री को लेकर रघुवंश प्रसाद सिंह नाराज थे और 23 जून को उन्होंने पार्टी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था.

रामा की एंट्री और रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे की घटना ने इतना तूल पकड़ा कि इस मामले में पार्टी के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को हस्तक्षेप करना पड़ा है. इसके बाद तेजस्वी ने पार्टी में डैमेज कंट्रोल की नीति को अपनाते हुए फिलहाल रामा सिंह की सोमवार को पार्टी में होने वाली एंट्री को टाल दिया है.

रामा की एंंट्री से नाराज होकर रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh prasad) ने पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से उनको मनाने का दौर जारी है.

ये लड़ाई दो राजपूत नेताओं के बीच वर्चस्व और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता को लेकर है. दरअसल, रामा सिंह ने रघुवंश प्रसाद सिंह को लोकसभा के चुनाव में करारी शिकस्त दी थी. यही कारण है कि वह उनकी एंट्री का पार्टी में विरोध कर रहे हैं.

रघुवंश प्रसाद आरजेडी के उन चुनिंदा नेताओं में से हैं, जिन्होंने पार्टी को बुलंदी पर पहुंचाने में अहम भूमिका अदा की है. रघुवंश आरजेडी के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जिन पर कभी भी भ्रष्टाचार या गुंडागर्दी के आरोप नहीं लगे. लालू प्रसाद यादव के जेल जाने के बाद पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की कमी हो गई है.

रघुवंश प्रसाद सिंह राजद में बड़े सवर्ण चेहरे हैं और ऊंची जातियों के वोट को अपने पाले में लाने वाले नेता हैं. वैशाली लोकसभा क्षेत्र में इनकी मजबूत पकड़ है. राजद के साथ शुरू से जुड़े हैं और पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के काफी करीबी माने जाते हैं.

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