खुश मिजाज ऋषि कपूर भी गए थे डिप्रेशन में, सेट पर अमिताभ-हेमा मालिनी को करना पड़ता था घंटो इंतजार

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बॉलीवुड मशहूर एक्टर ऋषि कपूर का 67 साल की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया. एक्टर का अंतिम संस्कार मुंबई के चंदनवाड़ी शवदाह गृह में किया गया.

लॉकडाउन की वजह से उनकी अंतिम यात्रा में महज 25 लोगों को जाने की अनुमति मिली. ऋषि कपूर यूं तो एक जिंदादिल और खुश मिजाज शख्सियत थे, जिन्होंने अपने आखिरी समय में भी डॉक्टरों को इंटरटेन किया.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऋषि कपूर की लाइफ में भी एक दौर ऐसा आया था जब वो डिप्रेशन में चले गए थे. इस बात का खुलासा उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी में किया था.

एक्टर ऋषि कपूर ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा- “साल 1980 में मेरी फिल्म कर्ज रिलीज हुई थी. इस फिल्म का म्यूजिक शानदार था, स्टोरी लाइन अच्छी थी और मैं पहली बार एनएसडी में शानदार एक्टर रहे सुभाष घई के साथ काम कर रहा था. मुझे इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं लेकिन इस फिल्म के एक हफ्ते बाद रिलीज हुई फिल्म कुर्बानी ने धीरे-धीरे हमारी फिल्म को पछाड़ना शुरु कर दिया था.”

वैसे ये आज के समय में कोई चौंकाने वाली कोई बात नहीं है. कई बड़ी छोटी फिल्में साथ रिलीज होती हैं और अक्सर एक फिल्म दूसरे की चमक को खा जाती है. जिस वजह से अच्छा बिजनेस करने के बाद भी फिल्में स्टारडम हासिल नहीं कर पाती.

ऋषि कपूर ने लिखा है- “कर्ज की रिलीज के पांच महीने पहले ही मेरी शादी हुई थी. उस दौर में मुझे लगता था कि कर्ज मेरे करियर को नई ऊंचाई देगी लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो मैं डिप्रेशन में चला गया था और मेरा आत्मविश्वास खत्म हो चुका था और मैं कैमरा फेस करने की हालत में नहीं था. मैं उस समय एक साथ फिल्म नसीब, दीदार-ए-यार, जमाने को दिखाना है और प्रेमरोग जैसी फिल्मों की शूटिंग कर रहा था.”

ऋषि कपूर डिप्रेशन में थे उनके पिता ने उन्हें चीयरअप करने की पूरी कोशिश की, लेकिन ऐसा हो ना सका. सेट पर ऋषि कपूर देर से पहुंचते थे. कई बार हेमा मालिनी, अमिताभ बच्चन जैसे एक्टर्स को उनका घंटों इंतजार करना पड़ता था.

डायरेक्टर नासिर हुसैन साहब को तो ये तक लगने लगा था कि शायद ऋषि कपूर को आर्थिक तंगी है. जिस वजह से उन्होंने उन्हें पैसे तक भिजवा दिए. हालांकि समय के साथ ऋषि कपूर इस दौर से निकल गए और फिर कभी डिप्रेशन में नहीं पड़े.