retail inflation
खुदरा महंगाई दर का फाइल फोटो

नई दिल्ली. मोदी सरकार को खुदरा महंगाई और औद्योगिक उत्‍पादन की रफ्तार को भारी झटका लगा है. फरवरी में जहां खुदरा महंगाई दर में इजाफा हुआ है, वहीं औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार को भी भारी झटका लगा है। सरकार की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक फरवरी महीने में खुदरा महंगाई (सीपीआई) दर बढ़कर 2.57 फीसदी हो गई, जबकि औद्योगिक उत्पादन घटकर 1.7 फीसदी हो गया .

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक रहा 1.7 फीसदी

बता दें कि केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) 1.7 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.5 फीसदी था. गौरतलब है कि 2018-19  में अप्रैल से जनवरी के बीच औद्योगिक उत्पादन की ग्रोथ रेट 4.4 फीसदी रही,  जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 4.1 फीसद रही थी.

खुदरा महंगाई दर का फाइल फोटो

एक्‍सपर्ट ने पहले ही कहा था, होगा इजाफा

बता दें कि जनवरी की महंगाई दर संशोधन के बाद घटकर अब 1.97 फीसदी हो गई है. इससे पहले आए आंकड़ों के मुताबिक जनवरी में खुदरा महंगाई दर 2.05 फीसदी थी.जहां दिसंबर में सीपीआई 2.11 फीसदी थी.  मीडिया रिपोर्टस के अनुसार विश्लेषकों ने फरवरी महीने में महंगाई के बढ़ने का अनुमान लगाया था. रिर्पोट में  कहा गया था कि फरवरी महीने में महंगाई में मामूली इजाफा होगा, लेकिन ये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के तय किए गए लक्ष्य से नीचे ही रहेगी.  

महंगाई दर के अनुसार ही आरबीआई करती है कटौती

बता दें कि आरबीआई ने महंगाई के लिए 4 फीसदी (+- दो फीसदी) का लक्ष्य रखा है. ब्याज दरों को तय करते वक्त आरबीआई खुदरा महंगाई दर को ध्यान   में रखता है. गौरतलब है कि पिछली समीक्षा बैठक में आरबीआई ने रेपो रेट में   0.25 फीसदी की कटौती की थी. इसके बाद रेपो रेट 6.50 फीसदी से घटकर के 6.25 फीसदी के स्तर पर अभी है.