आयोध्या की मिट्टी लेकर पहुंचे सभी श्रीराम भक्तों का अविस्मरण

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मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर कार सेवा के लिए सायकल से प्रयागराज पहुंचकर पैदल अयोध्या पहुंचे थे

कांकेर जिले की आध्यात्मिक नगरी केशकाल के कुछ युवकों नारायण सिंह ठाकुर, कृष्णकुमार ध्रुव, दीपक चौरसिया, श्रवण यादव, हरी नेताम, चमरू राम नामदेव,रामकुमार यादव, उमेश पटेल, संजय अग्निहोत्री ने भगवान श्रीराम के जन्मस्थल में मंदिर निर्माण का संकल्प लेकर कार सेवा के लिए सायकल से निकल पड़े थे.

रास्ते पर विभिन्न कठिनाइयों को चीरते हुए श्रीराम जी की यह टोली प्रयागराज पहुंचने पर इन्हेंं पता चला कि कार सेवकों को अयोध्या तक पहुंचने के सारे मार्ग परिवहन के रूप में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बंद करवा दिए हैं.तब प्रयागराज से पैदल यात्रा करने की ठानी और अयोध्या के लिए पैदल ही कूच कर वहां पंहुचे थे.

श्रीराम जी के मंदिर निर्माण के लिए कार सेवा के साक्षी रहे नारायण सिंह ठाकुर बताते हैं कि उन दिनों अयोध्या में ऐसा कोई घर नहीं था जहां जाने से किसी प्रकार की असुविधा हो. किसी भी घर में चले जाते थे, लोग भोजन पानी समेत सारी सुविधाएं अपने आप ही देते थे.मानो पूरा अयोध्या नगरी श्रीराम जी के काज में आए लोगों के लिए अपनी भूमिका का पालन कर रहा हो, जैसे उन्हें राम जी को जवाब देना पड़ेगा.

उस दौरान हजारों की संख्या में कार सेवकों की भीड़ के ऊपर फायरिंग की गई. जिसमे कई कार सेवकों की मौत हो गई. कई कठिनाइयों के बाद आयोध्या के पावन नगरी की मिट्टी लेकर सभी राम भक्त केशकाल पहुंचे, जहां उनका अविस्मरणीय स्वागत केशकाल वासियों ने किया था. उस पल का मैं भी साक्षी रहा हूं.

हिन्दुस्थान समाचार/राकेशपांडे