अयोध्या फैसले को लेकर धर्मगुरुओं ने प्रदेशवासियों से की शांति-सद्भाव रखने की अपील
  • धर्मगुरुओं ने प्रदेश की सांप्रदायिक सद्भाव की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा है कि फैसला चाहे जिसके पक्ष में भी आये
  • मुफ्ती-ए-आजम मध्यप्रदेश मौलाना हामिद अहमद सिद्दीकी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को मुल्क की तरक्की और बेहतरी के लिए काम करने का पैगाम दिया

अयोध्या प्रकरण पर सर्वोच्च न्यायालय के आने वाले फैसले के मद्देनजर सभी समुदायों के धर्मगुरुओं और साधु-संतों ने प्रदेश के नागरिकों से शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा बनाये रखने की अपील की है. हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, पारसी और अन्य सभी समुदायों के मौजूद धर्मगुरूओं ने कहा कि अयोध्या प्रकरण पर आने वाले फैसले को किसी पक्ष की जीत या हार के तौर पर देखने की बजाय इसे एक समस्या के समाधान के रूप में देखा जाना चाहिए.

धर्मगुरुओं ने प्रदेश की सांप्रदायिक सद्भाव की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा है कि फैसला चाहे जिसके पक्ष में भी आये, नागरिक उसका स्वागत करेंगे तथा आपसी सद्भाव एवं भाईचारा बनाये रखकर एक नई मिसाल प्रदेश और देश में प्रस्तुत करेंगे.

जगतगुरु स्वामी श्याम देवाचार्य ने प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अयोध्या प्रकरण पर कोई भी फैसला आये, इसका यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला. सर्वोच्च न्यायालय का फैसला एक वर्षों पुरानी समस्या का समाधान प्रस्तुत करने जा रहा है और इसे इसी स्वरूप में नागरिक स्वीकार भी करेंगे. स्वामी श्याम देवाचार्य ने सभी समुदायों खासतौर पर हिन्दू और मुस्लिम समुदाय के नागरिकों से अनुरोध किया है कि इसे वे किसी की जीत या किसी की हार के रूप में न देखें.

कोई भी पक्ष न तो खुशियों का सार्वजनिक रूप से इजहार करें न ही विरोध करने सडक़ों पर उतरें. एक दूसरे पक्ष की भावनायें आहत करने वाले कोई कदम न उठायें. उन्होंने सभी समुदायों के धार्मिक संगठनों से अपील की कि वे फैसला आने पर विजय जुलूस, पटाखे चलाने, नारेबाजी जैसी गतिविधियां भी न करें.

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश सबका है और सभी संप्रदायों के लोगों को मिलजुलकर रहना है. कोई भी संगठन कोई ऐसा काम न करे जिससे प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले फायदा उठा सकें. जतगुरू स्वामी श्याम देवाचार्य ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से भी कहा कि वे अशांति फैलाने की कोशिश करने वाले तत्वों एवं अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटे. उन्होंने जिले में कानून व्यवस्था बनाये रखने में प्रशासन को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया.

वहीं, मुफ्ती-ए-आजम मध्यप्रदेश मौलाना हामिद अहमद सिद्दीकी ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को मुल्क की तरक्की और बेहतरी के लिए काम करने का पैगाम दिया. उन्होंने कहा कि अयोध्या प्रकरण में आने वाले सर्वोच्च न्यायालय का फैसला न किसी पक्ष की जीत होगी न किसी की हार बल्कि यह न्याय की और देश की जीत होगी. मुफ्ती-ए-आजम ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला सभी को स्वीकार करना होगा.

यह फैसला देश की तकदीर नहीं बदल सकता देश की एकता में सबका भरोसा है और देश की बेहतरी सभी समुदायों के लिए सर्वोपरि रहेगी. उन्होंने सभी समुदाय के नागरिकों से कहा कि आने वाले फैसले को न अपनी जीत समझें न अपनी हार. मुफ्ती-ए-आजम ने कहा कि हम देश के साथ हैं देश की तरक्की और अमन के लिए मिलजुलकर काम करने की हमारी विचारधारा है. यह सोच कभी बदल भी नहीं सकती.

महामण्डलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद ने नागरिकों से फैसला आने के बाद अनुशासन में रहने संयम बरतने तथा हर्ष और बिषाद को समान रूप में स्वीकार करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि फैसले को सभी को स्वीकार करना होगा. इसमें जय और पराजय जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए. उन्होंने सभी संप्रदाय के नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने का आग्रह भी किया.

बिशप पीसी सिंह तथा बोहरा समाज के धर्मगुरु आमिल कुरैश जमाली ने भी नागरिकों से अमन चैन, आपसी भाईचारा बनाये रखकर देश की तरक्की के लिए काम करने की अपील की. दोनों धर्मगुरुओं ने कहा कि प्रदेश के नागरिकों में एक-दूसरे के धर्मों के प्रति जो सम्मान की भावना है, वह कहीं और नहीं मिलेगी. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सभी नागरिकों से स्वीकार करने का आग्रह किया.

इसके अलावा अन्य धर्मगुरुओं ब्रम्हचारी स्वामी चेतन्यानंद जी महाराज, दंडी स्वामी कालिकानंद जी महाराज, स्वामी मुकुंददास जी महाराज, नायब मुफ्ती-ए-आजम मध्यप्रदेश मौलाना मुशाहिद रजा कादरी, मौलाना चांद कादरी ने भी प्रदेश के नागरिकों को आपसी सद्भाव बनाये रखने का संदेश दिया है.

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर

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