Ravi Kishan
Loksabha Election: Ravi Kishan
  • रवि किशन का परिवार पहले मुंबई रहा करता था. वो जब 10 साल के थे उस समय उनका परिवार मुंबई से जौनपुर शिफ्ट हुआ
  • रेवा जल्‍द ही बॉलीवुड में डेब्‍यू करने वाली है. रेवा फिल्म सब कुशल मंगल से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी

भोजपुरी फिल्मों से लेकर बॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का झंडा गाढ़ने वाले रवि किशन ने सियासत के युद्ध में भी अपने झंडे गाढ़ ही दिए. रवि किशन ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट चुनाव लड़ा. रवि किशन यहां पर 30 हजार से ज्यादा सीटों से जीते हैं.

आइए आपतो बताते है रवि किशन से जुड़़ी कुछ दिलचस्प बातें

  • रवि किशन का परिवार पहले मुंबई रहा करता था. वो जब 10 साल के थे उस समय उनका परिवार मुंबई से जौनपुर शिफ्ट हुआ.
  • उनके पिता का नाम पं. श्‍यामा नारायण शुक्‍ला और माता का नाम जड़ावती शुक्‍ला है. उनके परिवार में पत्‍नी प्रीति शुक्‍ला, तीन बेटियां रेवा, इशिता और साक्षी के अलावा बेटा अनिश्‍क है. उनकी बेटी रेवा जल्‍द ही बॉलीवुड में डेब्‍यू करने वाली है. रेवा फिल्म सब कुशल मंगल से बॉलीवुड में डेब्यू करेंगी.
  • रवि किशन जब पहली बार करियर बनाने के लिए जौनपुर से मुंबई गए थे. उस समय उनकी उम्र सिर्फ 17 साल थी. उनकी मां ने उन्‍हें उस जमाने में 500 रुपए दिए थे. लेकिन उस समय उनकी मां को भी नहीं पता होगा कि एक दिन उनका बेटा बॉलीवुड, टॉलीवुड से लेकर पॉलिटिक्स के मैदान तक अपने झंडे गाढे़गा.
  •  ‘जिंदगी झंड बा, फिर भी घमंड बा’ जैसे डॉयलॉग ने उन्‍हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया.
  • रवि किशन कुशल वक्ता भी हैं. इनका निक नेम बब्‍बू है.
  • पीताम्‍बर बी ग्रेड की फिल्‍म से उन्‍होंने डेब्‍यू किया था. जिसके लिए उन्‍हें पांच हजार रुपए फीस मिली.
  • बॉलीवुड की सुपरहिट फिल्‍म तेरे नाम में 2003 में रामेश्‍वर नाम के पुजारी की भूमिका से उन्‍होंने खूब सुर्खियां बटोरी.
  • उन्‍होंने साल 2006 में बिगबॉस सीजन एक में भाग लिया और फिनाले तक पहुंचे. हालांकि वो सीजन जीत नहीं पाए.  
  • साल 2007 में उन्‍होंने स्‍पाइडर मैन फिल्‍म के अभिनेता पीटर पार्कर की आवाज को भोजपुरी में डब किया था. रवि किशन की अपकमिंग फिल्‍म बाटला हाउस है.
  • साल 2012 में उन्‍होंने झलक दिखला जा सीजन-5 में भी पार्ट लिया था.
  • साल 2014 में उन्‍होंने कांग्रेस पार्टी का दामन थामकर जौनपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा. लेकिन, भाजपा प्रत्‍याशी कृष्‍ण प्रताप सिंह से हार का सामना करना पड़ा.
  • साल 2017 में वे कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए.  2019 के लोकसभा चुनावों में रवि किशन बीजेपी के टिकट पर गोरखपुर से खड़े हुए. ये सीट बीजेपी की प्रतिष्ठा मानी जाती है. ऐसा इसलिए क्योंकि य़हां से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 1998 से 2014 तक लगातार सांसद रहे. लेकिन रवि किशन भी अपनी पॉपुलैरिटी के दम पर यहां से जीत हासिल करने में कामयाब रहे हैं.

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