रामपुर: पत्नी और बेटे के साथ आजम खान गए जेल, कोर्ट ने की जमानत याचिका खारिज

लखनऊ, 26 फरवरी (हि.स.). जनपद रामपुर की एडीजे-छह की अदालत ने बुधवार को सपा नेता व रामपुर के सांसद आजम खान, उनकी पत्नी विधायक तंजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम को 2 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

इससे पहले तीनों ने अदालत में आज ही आत्मसमर्पण किया था और जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है.

आजम खां ने 20 मामलों में जमानत याचिका दायर की थी. कई मामले में जमानत मंजूर हो गई है, लेकिन बेटे अब्दुल्ला आजम के फर्जी प्रमाण पत्र और दो पासपोर्ट के मामले में धारा 420 के तहत दर्ज मामले में जमानत याचिका खारिज की गई है.

उधर आजम को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश के बाद रामपुर पुलिस अलर्ट हो गई है. कोर्ट परिसर को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में ले लिया है. मामले में सियासत बढ़ने की सम्भावना के चलते पुलिस खास सतर्कता बरत रही है.

दरअसल, आजम लगातार कोर्ट से बचने की कोशिश में थे. कुर्की की मुनादी होने के बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुए. इसके बाद अदालत ने सपा सांसद आजम खां, उनकी पत्नी व विधायक तंजीन फातिमा और पुत्र अब्दुल्ला की संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने सोमवार को तीनों की अग्रिम जमानत की याचिका भी खारिज कर दी थी.

अब्दुल्ला आजम के जन्म के दो प्रमाणपत्र होने के मामले में भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने 3 जनवरी, 2019 को आजम खां, फातिमा और अब्दुल्ला के खिलाफ गंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. अप्रैल में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी.

इसकी सुनवाई एडीजे-छह धीरेंद्र कुमार की अदालत में चल रही है. सुनवाई के दौरान लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने तीनों के खिलाफ पहले समन, फिर जमानती वारंट और बाद में गैरजमानती वारंट जारी किए थे.

इसके बाद भी तीनों कोर्ट नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ धारा 82 के तहत गंज पुलिस ने 9 जनवरी को ढोल बजवाकर मुनादी कराई. तब भी आजम परिवार अदालत में नहीं हाजिर हुआ.मंगलवार को इस मामले में सुनवाई के बाद कोर्ट ने कुर्की के आदेश दिए थे.

बुधवार को आजम को जेल भेजने के मामले पर सपा नेता जफर अमीन ने कहा है कि कोर्ट ने आजम खान और उनके परिवार के खिलाफ कोई फैसला नहीं सुनाया है. उन पर सिर्फ आरोप लगे हैं, जिस पर अपना पक्ष रखा जाएगा. समाजवादी पार्टी कोर्ट की प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करती है.

यह काम भाजपा करती है और भाजपा सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है, इसलिए आजम और उनके परिवार पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि आजम खान को भाजपा ने नहीं बल्कि कोर्ट ने सपरिवार जेल भेजने का आदेश दिया है. कोर्ट में सरेंडर करने के बाद उनकी जमानत याचिका खारिज हुई है. मुकदमा अपराध संख्या 4/2019 में अंतर्गत धारा 420, 468,468 जालसाजी में वह जेल भेजे गए हैं. कानून अपना काम कर रहा है. इसमें किसी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए.

हिन्दुस्थान समाचार/संजय/बच्चन

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