इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले आधे से ज्यादा छात्रों को नहीं मिल रही नौकरी
  • आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में गैर एलीट संस्थानों से पाठ्यक्रम पूरा करने वाले 7.93 लाख छात्रों में केवल 3.59 लाख छात्रों का ही प्लेसमेंट हो पाया
  • सदन में एक सवाल के जवाब में निशंक ने कहा कि उद्योग क्षेत्र की मांग के मुताबिक इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम में बदलाव किए जा रहे हैं

नई दिल्ली. इंजीनियरिंग संस्थानों से पढ़ाई करने के बाद आधे से अधिक छात्रों को नौकरी नहीं मिल पा रही है. वहीं आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT) और ट्रिपल आईटी (IT) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के भी 23% छात्रों को पढ़ाई के दौरान नौकरी नहीं मिली.

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhrial Nishank) ने सोमवार को एक सवाल के जवाब में लोकसभा में जानकारी दी की इंजीनियरिंग संस्‍थानों से पास हो रहे आधे से ज्यादा छात्रों (Students) का प्लेसमेंट नहीं हो पा रहा है.

आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017-18 में गैर एलीट संस्थानों से पाठ्यक्रम पूरा करने वाले 7.93 लाख छात्रों में केवल 3.59 लाख छात्रों का ही प्लेसमेंट हो पाया. यही स्थिति वर्ष 2018-19 में भी रही.

निशंक ने बताया कि इसी साल आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी से पास आउट होने वाले कुल 23,298 छात्रों में 5,352 छात्र बिना प्लेसमेंट (Placement) के रहे.

सदन में उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद अगले सत्र में रोजगार की कम संभावना वाले पाठ्यक्रमों को अनुमति नहीं देगा.

केंद्रीय मंत्री ने आगे बताया कि प्रतिष्ठित संस्थानों से पास होने वाले 23,298 छात्रों में 5,352 छात्रों को नौकरी नहीं मिली. उन्होंने सदन को बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद अगले सत्र में रोजगार की कम संभावना वाले पाठ्यक्रमों को अनुमति नहीं देगा.

सदन में एक सवाल के जवाब में निशंक ने कहा कि उद्योग क्षेत्र की मांग के मुताबिक इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम में बदलाव किए जा रहे हैं और छात्रों को रोजगार पाने के लिए अधिक योग्य बनाने के लिए भी काउंसलिंग सहित कई कदम उठाए गए हैं.

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