दिल्ली में पानी की गुणवत्ता पर पासवान ने केजरीवाल को दी खुली चुनौती

दिल्ली में प्रदूषण के बाद अब पानी पर सियासत शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पानी पर केंद्र सरकार की रिपोर्ट को दुष्प्रचार का हथियार करार दिया. उन्होंने कहा कि पानी को लेकर राजनीति हो रही है. 11 जगह के सैंपल के आधार पर किसी शहर के पानी को खराब नहीं कहा जा सकता. बताया नहीं जा रहा कि कहां से सैंपल लिए गए. 

वहीं केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने केजरीवाल के आरोपों पर पलटवार किया है. पासवान ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि दिल्ली के सीएम को ऐसा लगता है कि राष्ट्रीय राजधानी में पानी की गुणवत्ता सौ प्रतिशत शुद्ध है. तो वह जल गुणवत्ता के मानक हेतु भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) को अनिवार्य करें.

पासवान ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यदि दिल्ली का पानी शुद्ध है तो केजरीवाल ये घोषणा करें कि उनके सभी कार्यालयों से RO हटा लिया जाएगा. सभी सरकारी बैठकों में नल का पानी पिलाया जाएगा और दिल्ली सरकार पानी के मानक को मेंडेटरी करने की अनुशंसा करें. 

उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा पानी के नमूनों पर सवाल खड़ा किए जाने को विशुद्ध राजनीति करार दिया. उन्होंने कहा कि आप द्वारा दावा किया जा रहा है कि दीपक रॉय के घर से पानी का नमूना लिया ही नहीं गया. यह बयान दीपक रॉय दबाव में आकर दे रहे हैं क्योंकि बयान देते वक्त आप के विधायक उनके साथ बैठे हुए हैं. बीआईएस के पास भी सबूत है कि रॉय के घर से सैंपल लिया गया है.

पासवान ने कहा कि यह भी कहा जा रहा है कि एक सैंपल लोजपा के नेता के घर से लिया गया. तो क्या दिल्ली में रहने वाले लोजपा नेता को शुद्ध साफ पानी का अधिकार नहीं है. क्या साफ पानी सिर्फ आप नेताओं को मिलेगा. सारे अखबार और टीवी चैनल दिखला रहे हैं कि पूरी दिल्ली की जनता गंदे पानी से परेशान है. 

उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने संयुक्त टीम में अपनी ओर से जल बोर्ड के उपाध्यक्ष सहित दो लोगों को नामित किया है जिसमें उपाध्यक्ष राजनीतिक व्यक्ति हैं. मैंने साफ़ कहा है कि इसमें दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के CEO या समकक्ष अधिकारी को नामित करें. 

जल बोर्ड और BIS द्वारा संयुक्त रूप से पानी के नमूने इकट्ठे करने के लिए बीआईएस ने अपने 32 अधिकारियों की सूची जल बोर्ड के सीईओ को भेज दी है. केजरीवाल ने अभी तक जल बोर्ड के 32 अधिकारियों के नाम क्यों नहीं दिए हैं.

केंद्रीय मंत्री और केजरीवाल बीआईएस के एक अध्ययन के निष्कर्षों को साझा करने के बाद शहर में पानी की गुणवत्ता को लेकर आमने-सामने हैं. इसमें बताया गया है कि दिल्ली के नल का पानी गुणवत्ता परीक्षण में विफल रहा है. अध्ययन के अनुसार, गुणवत्ता मानकों में कोलकाता और चेन्नई के साथ दिल्ली में पीने का पानी 11 में से 10 परीक्षणों में विफल रहा है.

हिन्दुस्थान समाचार/सुशील

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