राजस्थान पुलिस ने किया साफ, नहीं की गई विधायकों और सांसदों की फोन टेपिंग

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जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में ठहरे आधा दर्जन विधायकों के फोन अवैधानिक तरीके से टेप कराने के आरोपों को लेकर राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजस्थान पुलिस की किसी भी यूनिट द्वारा किसी भी विधायक या सांसद की टेपिंग न तो पूर्व में की गई और न ही वर्तमान में की जा रही है. यह सूचना सर्वथा आधारहीन, मिथ्या है और भ्रम फैलाने की दृष्टि से सोशल मीडिया पर जारी की गई है.

पुलिस मुख्‍यालय की ओर से शुक्रवार को जारी स्पष्टीकरण के अनुसार राजस्थान पुलिस ने इन्टरकॉम से हुई बातचीत को रिकार्ड करने के आरोपों को भी मिथ्या व काल्पनिक बताया है. विज्ञप्ति के अनुसार राजस्थान पुलिस हमेशा आपराधिक कृत्य को रोकने का कार्य करती है और अवैधानिक टेपिंग एक आपराधिक कृत्य है.

राजस्थान पुलिस ने आम जन से कतिपय शरारती तत्वों द्वारा दुर्भावनावश एवं निहित स्वार्थवश सोशल मीडिया के जरिये फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है. पुलिस द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि मिथ्या सूचनाओं का प्रसारण अवैधानिक है, अतः आमजन को मिथ्या सूचनाओं के प्रसारण से बचने की सलाह दी गई है.

सोशल मीडिया पर तथाकथित सूचना प्रसारित की जा रही है कि जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में ठहरे आधा दर्जन विधायकों के फोन अवैधानिक तरीके से टेप किये जा रहे हैं. इस मिथ्या सूचना को बल देने एवं भ्रम फैलाने के लिये एक टाइपशुदा सूची भी संलग्न कर प्रसारित की जा रही है. इससे पूर्व स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) द्वारा फोन टैपिंग के जरिए विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के मामले के खुलासे के बाद प्रदेश की राजनीति में हड़कम्‍प मच गया था. बाद में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी प्रदेश के गृह विभाग से फोन टेपिंग को लेकर जानकारी मांगी थी.

हिन्दुस्थान समाचार/संदीप