बिहार के बाद राजस्थान के डीजीपी ने भी दिया वीआरएस, नए DGP की तलाश जारी

Rajasthan DGP Bhupendra Yadav
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बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के वीआरएस लेने की खूब चर्चा हो रही है. खबरों के मुताबिक पांडेय जी वीआरएस लेकर राजनीति में किस्मत अजमाना चाहते हैं. और हो सकता है कि बीजेपी या जेडीयू की टिकट पर वे ताल ठोंकते भी दिख जाएं.

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के बाद अब एक और बड़े प्रदेश के डीजीपी ने वीआरएस लेने का आवेदन डाला है. इस बार वीआरएस का आवेदन राजस्थान के डीजीपी डॉ. भूपेंद्र यादव ने स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन किया है.

हालांकि जानकारी के मुताबिक डीजीपी भूपेंद्र यादव ने 2 सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री को इस्तीफा भेजकर इस पद को छोड़ने की इच्छा जताई थी. उनके इस्तीफे की पेशकश के मुताबिक 30 नवम्बर तक वे इस पद पर रहेंगे. यानी 30 नवंबर से पहले सरकार को नए डीजीपी के चयन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

बता दें कि 1986 बैच के आईपीएस अधिकारी भूपेंद्र यादव को पिछले साल एक जुलाई से डीजीपी के पद पर 2 साल के लिए नियुक्त किया गया था. इस हिसाब से उनका कार्यकाल 30 जून 2021 तक है. लेकिन उन्होंने 7 महीने पहले ही अपने पद से सेवानिवृत्त होने के लिए आवेदन किया है.

नए डीजीपी की तलाश शुरू

जानकारी के मुताबिक सरकार ने नए डीजीपी की तलाश शुरू कर दी है. नियमों के मुताबिक सरकार की ओर से 30 साल की सेवा वाले उन अधिकारियों का नाम यूपीएससी को भेजना होगा जिनका कार्यकाल कम से कम 6 महीने बचा हो.

इस तरह से 1990 बैच तक के 10 अधिकारियों के नाम सरकार यूपीएससी को भेजेगी. जिनमें से यूपीएससी 3 नामों का सुझाव सरकार को पेश करेगी. और उनमें से मुख्यमंत्री को किसी एक को चुनना होगा. जानकारी के मुताबिक नये डीजीपी के लिये 1987 बैच के मोहन लाल लाठर का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है.

सरकार यादव का इस्तीफा स्वीकार करके और मोहन लाल लाठर को नया डीजीपी बना यूपीएससी को बाद में पैनल भेज सकती है. ऐसा करके मुख्यमंत्री गहलोत न केवल बड़े वोट बैंक जाटों को खुश करने के फेर में है, बल्कि दूसरे दावेदारों की कोशिश को भी कुंद कर सकती है.