कोटा अस्पताल में 110 बच्चों की मौत के बाद भी सो रहा राजस्थान प्रशासन

कोटा अस्पताल में 110 बच्चों की मौत के बाद भी अव्यवस्थाओं का आलम
– एक वार्ड में दस बेड पर एक हीटर 

कोटा, 05 जनवरी (हि.स.)। कोटा के जेके लोन अस्पताल में 110 बच्चों की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन नहीं चेता है।अस्पताल में हाथी के दांत खाने के और तथा दिखाने के और नजर आ रहे हैं। गाइनी के 10 बेड वाले वार्ड में मात्र एक हीटर और 30 बेड वाले वार्ड में मात्र 2 हीटर लगाकर अस्पताल प्रशासन व्यवस्थाओं पर काला पर्दा डालते नजर आया।

बच्चों की मौत के बाद सुर्खियों में आये जेके लोन अस्पताल की चर्चा कोटा से लेकर दिल्ली तक गूंज रही है।
अस्पताल के गाइनी वार्ड सी, गाइनी डी सहित विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों की संख्या के मुकाबले व्यवस्थाओं के नाम पर एक वार्ड में एक या दो हीटर लगाएं गए हैं।

वार्ड में लगाए गए हीटर का टेंपरेचर मात्र एक बेड तक ही सीमित है। इसके अलावा वार्ड में भर्ती अन्य नवजात शिशु व मां आज भी कप कपाती सर्दी में कंबल के भरोसे राते काटने को मजबूर है। 

लोकसभा अध्यक्ष से लेकर पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं। अस्पताल प्रशासन ने अपनी नाकामयबियो को छुपाने के लिए अस्पताल का वह चेहरा नेताओं को दिखाया जिससे उनकी साख बची रहे।

अस्पताल में भर्ती नवजात शिशु की मां व परिजन इन व्यवस्थाओं को मात्र प्रशासनिक लीपापोती बता रहे हैं। जिसका खमियाजा आज भी भर्ती मरीजों को उठाना पड़ रहा है। 

इस संबंध में हिन्दुस्थान समाचार ने अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से उनका पक्ष जानना चाहा, लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। 

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हिन्दुस्थान समाचार/राकेश

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