कांवरियों संग विनम्र व्यवहार करें, देश-दुनिया से जो आये वह अच्छा संदेश लेकर जायेः रघुवर दास

वैद्यनाथ धाम बासुकीनाथ श्राइन बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री का संदेश

देवघर की ख्याति अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में हो’

स्वच्छता और विनम्रता श्रावणी मेले की मूल संवेदना रहनी चाहिए

पंडा समाज और स्थानीय लोगों के साथ नियमित संवाद रखे प्रशासन

सरदार पंडा हमारी सम्मानित व्यवस्था, उनको आवश्यक सुविधा दी जाये

सिविल डिफेंस के 100 लोग रखे जाएंगे, कांवरियों से विनम्र व्यवहार रखें

रांची. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि स्वच्छता और विनम्रता श्रावणी मेले की मूल संवेदना रहनी चाहिए. देश-दुनिया से जो भी इस मेले में आये वह अच्छा संदेश लेकर जाए. उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में ड्यूटी करने वाले प्रशासन और पुलिस बल के लोग कांवरियों के साथ शालीनता का परिचय दें और विनम्र व्यवहार करें. झुंझलाहट और अपशब्द अपनी डिक्शनरी से हटा लें. इसके साथ ही जो भी लोग भी इसमें ड्यूटी दे रहे हों, कांवरियों के साथ अपना व्यवहार विनम्र रखें.

मंगलवार को मुख्यमंत्री दास देवघर परिसदन में आयोजित वैद्यनाथ धाम बासुकीनाथ तीर्थ क्षेत्र विकास प्राधिकार की कार्यकारी परिषद (श्राईन बोर्ड) की बैठक में बोल रहे थे. मुख्यमंत्री दास ने कहा कि देवघर की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के रूप में बने. श्राईन बोर्ड की बैठक प्रत्येक 3 माह पर होनी चाहिए.

साफ सफाई का बेहतर प्रबंधन हो तथा लगातार साफ-सफाई होती रहे. सभी कांवरिये हमारे अतिथि हैं और इसी भावना से न केवल सरकार, बल्कि समस्त देवघरवासी उनके लिए भावना रखें और उसे प्रदर्शित भी करें. सब यह महसूस करें कि हम बाबा की ओर से कांवरियों के सेवक हैं.

उन्होंने कहा कि देवघर और बासुकीनाथ धाम में प्रशासन स्थानीय लोगों के साथ नियमित संवाद रखे। पंडा समाज, चेंबर के लोग, राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि से नियमित वार्ता कर सुझाव लेते रहें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवीनता के साथ पौराणिकता का भी महत्व है। नवीनता को अपनाए, लेकिन पौराणिकता को भी बनाये रखें. सरदार पंडा हमारी सम्मानित व्यवस्था है. इनको आवश्यक सुविधा और सहूलियत दी जाये.

इसके अलावा बैठक में श्राईन बोर्ड के सदस्यों ने कई सुझाव दिया तथा मेला से सम्बंधित आय-व्यय के प्रस्तावों को पारित किया गया. देवघर उपायुक्त राहुल कुमार सिन्हा ने बताया कि सिविल डिफेंस के 100 लोग मेला में रखे जाएंगे. इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा भावना से सबको कार्य पर लगाएं.

बैठक में पर्यटन मंत्री अमर कुमार बाउरी, विधायक नारायण दास, मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी, विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव वित्त केके खंडेलवाल, डीजीपी कमल नयन चौबे, पंडाधर्म रक्षिणीसभा के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, अभय कांत प्रसाद, एडीजी स्पेशल ब्रांच अजय कुमार सिंह, आईजी ऑपरेशन्स आशीष बत्रा, आयुक्त विमल, डीआईजी राज कुमार लकड़ा, देवघर और दुमका के डीसी और एसपी सहित अन्य अधिकारी एवं बोर्ड के सदस्य उपस्थित थे.

फायर सिक्योरिटी सिस्टम मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र में, व्यवस्था चाक-चौबंद हो मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फायर सिक्योरिटी सिस्टम बाबा मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र में रहे। किसी भी तरह की आगजनी की घटना न हो। इसका आकलन कर इसे प्राथमिकता दें.

उन्होंने कहा कि मेले के दौरान व्यवस्था चाक चौबंद रहे। इसका विशेष ध्यान दिया जाये। पूरे शहर में वैकल्पिक व्यवस्था के साथ रोशनी रहे. कहीं भी अंधेरा न रहे। अस्पताल और हेल्थ सेंटर में डॉक्टर रहें तथा एम्बुलेंस प्रत्येक लोकेशन पर तैनार हो.

एनडीआरएफ की टीम और प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहे. सभी थाना और ओपी संवेदनशील रहें। पार्किंग और यातायात में कोई समस्या न आये। देवघर और दुमका में कोई टोल टैक्स न रहे, ताकि गाड़ियों के जाम न लगे.

देश-विदेश के लाखों लोग आते हैं कांवर चढ़ाने

एक माह तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में बिहार, झारखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, असम, मेघालय सिक्किम, नेपाल, भूटान सहित देश-विदेश के लाखों लोग सुल्तानगंज (बिहार) से बाबा नगरी देवघर (झारखंड) की 105 किलोमीटर लंबी नंगे पांव कांवर यात्रा करते हैं.


हिन्दुस्थान समाचार/राजीव/ संजीव

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