भारतीय वायुसेना में शामिल हुए दुश्मनों का काल ‘राफेल’, दिया गया वाटर सैल्यूट

10 aug
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नई दिल्ली. भारत और चीन में सीमा पर जारी गतिरोध के बीच आज पांच राफेल लड़ाकू विमानों को औपचारिक रुप से अंबाला एयरबेस पर वायुसेना में शामिल कर लिया गया हैं. सर्वधर्म प्रार्थना के बाद अब फ्लाईपास्ट हुआ. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली ने राफेल लड़ाकू विमानों के हवाई प्रदर्शन को देखा. राफेल को वाटर कैनन से सलामी दी गई.

इससे पहले अंबाला के वायुसेना एयरबेस में राफेल इंडक्शन सेरेमनी के लिए आयोजित ‘सर्व धर्म पूजा’ की गई. ‘सर्व धर्म पूजा’ के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया उपस्थित थे. हरियाणा के अंबाला स्थित वायु सेना स्टेशन में एक शानदार समारोह में यह विमान वायु सेना के गोल्डन एरो स्क्वाड्रन का हिस्सा बन गया. अंबाला एयरबेस पर आज सुबह दस बजे से आयोजित भव्य कार्यक्रम में एयरफोर्स को 5 राफेल सौंप दिए गए.

अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों की कमी का सामना कर रही भारतीय वायु सेना के लिए इस दिन को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि क्षेत्र में शक्ति संतुलन को बदलने की ताकत रखने वाला राफेल इसी दिन उसके लड़ाकू विमानों के बेड़े की शान बन गया है.

पांच राफेल का पहला जत्था अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पर 29 जुलाई को पहुंचा था. इन पांच राफेल में तीन सिंगल और दो डबल सीटर जेट शामिल हैं. राफेल का पहला स्क्वाड्रन अंबाला एयर बेस से संचालित होगा. अब तक भारत को 10 राफेल विमानों की आपूर्ति की जा चुकी है जिनमें से पांच अभी फ्रांस में ही हैं जिन पर भारतीय वायुसेना के पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं. सभी 36 लड़ाकू विमानों की आपूर्ति 2021 के अंत तक पूरी हो जाने की उम्मीद है.