#PulwamaAttack: आतंकियों की उस हरकत ने पीएम मोदी को भी रुला दिया था, और एयर स्ट्राइक को अंजाम दिया गया

आज से ठीक एक साल पहले यानी 14 फरवरी 2019 को आतंकियों ने कायराना तरीके से हमारे जवानों को निशाना बनाया था. पुलवामा हमले में भारत माता के 40 वीर सपूत हमेशा के लिए मां की गोद में सो गए. उस घटना का मंजर इतना खौफनाक था कि पूरा देश आंसुओं में डूब सा गया था.

उस घटना की जानकारी जब पीएम मोदी को मिली तो वे भी अपने आंसू रोक नहीं पाए थे. उन्होंने अपने आंसुओं को अपनी ताकत में तब्दील किया. और तुरंत आतंकियों को चेतावनी दी कि अब भारत जो करेगा, उसे पूरी दुनिया देखेगी. उस वक्त देश में आम चुनाव होने वाले थे. सभी दल आम चुनावों की तैयारियों में लगे हुए थे. लेकिन इसी बीच आंतकियों ने हमें ऐसा जख्म दिया जो असहनीय था.

पूरे देश से एक ही आवाज उठी. चुनाव रोक दो, पहले पाकिस्तान को ठोक दो. पीएम मोदी ने भी जनता के दर्द को भलीभांति समझा और सेना के हाथ खोल दिए. अपनी इस हरकत के बाद पाकिस्तान में बैठे दहशतगर्द पूरी तरह से चौकन्ना थे. लेकिन हमारी सेना उनको सबक सिखाने को बेताब थी. 27 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में बम बरसा दिए और आतंक के आकाओं को उनके घर में घुसकर जहन्नुम में पहुंचा दिया.

पुलवामा आतंकी हमले के अगले दिन पीएम मोदी झांसी में थे, हर किसी को उम्मीद थी वो कुछ कहेंगे. पीएम मोदी ने कहा भी, झांसी की रैली में पीएम मोदी ने जो बोला उसे उस वक्त तो शायद आतंकियों के सरपरस्तों ने मजाक में लिया होगा, लेकिन जब वो हकीकत में बदला तब तक वो मौत के घाट उतर चुके थे.

झांसी रैली में पीएम मोदी ने कहा कि मैं आतंकी संगठनों और उनके सरपस्तों को कहना चाहता हूं कि वो बहुत बड़ी गलती कर चुके हैं…बहुत बड़ी कीमत उनको चुकानी होगी. इसके अलावा भी पीएम मोदी ने कुछ ऐसे बयान दिए, जिसने पुलवामा के बदले की कहानी लिख दी.

कायराना हरकत की दर्दनाक दास्तां

CRPF के 2500 जवान तो परिवार के साथ अपनी छुट्टियां मनाने जा रहे थे. उस वक्त उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि रास्ते में कुछ भेड़ियें उनका इंतजार कर रहे हैं. उस दिन भेड़ियों ने बहादुर शेरों का शिकार करने में कामयाबी हासिल कर ली. देश ने अपने 40 जवान खो दिए. इस घटना के ठीक 13वें दिन भारत ने अपने बहादुर सपूतों का बदला लिया और एयर स्ट्राइक करके पाक में बैठे आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया.

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