कटमनी की जांच के लिये आयोग गठित करने की मांग पर विधानसभा में हंगामा, विपक्ष का वॉकआउट

कोलकाता. राज्यभर में विभिन्न सरकारी परियोजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के नाम पर सत्तारुढ़ पार्टी से जुड़े लोगों द्वारा “कटमनी” (रिश्वत) लिये जाने को लेकर राज्य विधानसभा में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन हंगामा जारी रहा.

इस राज्यव्यापी भ्रष्टाचार की जांच के लिए आयोग गठित करने की मांग पर विपक्ष के नेताओं ने नारेबाजी की और विधानसभा से वॉकआउट किया. पिछले दिनों तृणमूल से नाता तोड़ चुके पार्टी विधायक दुलालचंद्र बर ने कटमनी को लेकर विधानसभा में अपनी बात रखने की कोशिश की लेकिन जैसे ही उन्होंने बोलना शुरू किया.

सत्तापक्ष के विधायक शोर मचाने लगे. तृणमूल के विधायक कह रहे थे कि दुलाल चंद्र किसी पार्टी के विधायक नहीं हैं इसलिये इन्हें अपनी बात रखने का अधिकार नहीं है.

इसके बाद विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान खड़े हुए. उन्होंने सरकारी परियोजनाओं में घूस के तौर पर कटमनी लेने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सख्ती और रुपये लौटाने की घोषणा का स्वागत किया.

इसके बाद उन्होंने कहा कि राज्य भर के सभी परियोजनाओं में सत्तारूढ़ पार्टी से जुड़े लोगों ने कटमनी लिया है. बड़ी संख्या में लोग इसके साथ युक्त हैं. जबसे मुख्यमंत्री ने कटमनी लौटाने का निर्देश दिया है उसके बाद राज्यभर में अजीब किस्म का हिंसक और अराजक माहौल बन गया है. हर जगह इसे लेकर नारेबाजी, हंगामा, घेराव हो रहा है. रुपये लौटाने को लेकर आतंक का माहौल बन गया है.

कई लोग घर से फरार हो गए हैं. ऐसे में जरूरी हो गया है कि बिना देरी किए इस मामले में जांच आयोग गठित होनी चाहिए. जब तक राज्य सरकार कटमनी जांच के लिए “जांच आयोग” का गठन नहीं करती है, तब तक विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकेगी.

अब्दुल मन्नान के संबोधन को विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने बीच में ही रोक दिया. विमान ने कहा कि आप विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चलने देने की धमकी दे रहे हैं. आपको सदन की कार्यवाही के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है. इसका मतलब यह नहीं है कि आप ऐसा बोलेंगे.

विधानसभा अध्यक्ष की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस और माकपा के विधायकों ने नाराजगी जताई और नारेबाजी करने लगे. इधर सत्तारूढ़ तृणमूल के कुछ विधायकों ने भी इसके खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया था.

कुछ देर तक विधानसभा में नारेबाजी होती रही. उसके बाद कांग्रेस और माकपा के विधायकों ने विधानसभा से वाकआउट कर दिया. बाद में दुलाल चंद्र बर ने “हिन्दुस्थान समाचार” से विशेष बातचीत में बताया कि बागदा में ब्लॉक युवा तृणमूल अध्यक्ष हिजबुल रहमान मंडल दो-तीन सालों से पूरे क्षेत्र के लोगों से करीब तीन करोड़ रुपया कटमनी के तौर पर ले चुके हैं.

नौकरी लगाने के नाम पर या सरकारी परियोजनाओं की सुविधाएं देने के नाम पर उन्होंने ये रुपये घूस के तौर पर लिया है. गत 26 नवंबर को बागदा थाने में इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज हुई है लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर रही है. मैं इसी बात को विधानसभा में रखना चाहता था लेकिन मुझे बोलने नहीं दिया गया.

विधानसभा से वॉकआउट करने के बाद विपक्षी विधायकों ने परिसर में ही अंबेडकर मूर्ति के पास आकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इन लोगों ने राज्य में जारी भ्रष्टाचार और तमाम तरह की धांधली के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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