CAB का विरोध: असम में उग्र हुआ प्रदर्शन, इंटरनेट सेवाओं पर रोक, गुवाहाटी में कर्फ्यू

  • गुवाहाटी में कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए बुधवार शाम 6.15 बजे से गुरुवार सुबह 7 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया
  • राजधानी दिसपुर और गुवाहाटी के कई इलाकों में आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई

गुवाहटी, असम।

नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB)-2019 के मुद्दे पर असम में प्रदर्शन उग्र हो गया है. बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने राजधानी दिसपुर में बसों को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद 10 जिलों में इंटरनेट सेवाओं पर 24 घंटे के लिए रोक लगा दी गई है.  

गुवाहाटी में कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखने के लिए बुधवार शाम 6.15 बजे से गुरुवार सुबह 7 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया. ट्रेनों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है. कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है.

गुवाहाटी समेत ब्रह्मपुत्र घाटी में मंगलवार से ही विरोध प्रदर्शन जारी है. इस बीच CAB का विरोध कर रहे उपद्रवियों ने बुधवार देर शाम सड़क के किनारे खड़ी एक सिटी बस, एक क्रेन व क्रेन पर लटक रही एक बाइक के आग के हवाले कर दिया. राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में सड़क पर टायर जलाकर वाहनों की आवाजाही को ठप कर दिया. एक तरह से गुवाहाटी में अघोषित बंद है.

बुधवार को दिन में आंदोलनकारियों ने दुकानों को जबरन बंद करा दिया. गुवाहाटी एयरपोर्ट के बाहर कैब के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क की घेराबंदी की, जिससे 20 मिनट तक गुवाहाटी एयरपोर्ट पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल फंसे रहे. बाद में उन्हें अपना कार्यक्रम रद्द करना पड़ा. 

असम के लखीमपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, डिब्रूगढ़, चराइदेव, शिवसागर, जोरहाट, गोलाघाट, कामरूप (मेट्रो) और असम के कामरूप जिलों में आज शाम 7 बजे से 12 दिसम्बर को शाम 7 बजे तक मोबाइल इंटरनेट को 24 घंटे के लिए निलंबित कर दिया गया है. कुछ इलाकों में उग्र प्रदर्शनों के बीच पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करके भीड़ को तितर-बितर किया. 

पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया है. इस झड़प में प्रदर्शनकारियों के साथ ही कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. दिसपुर में जनता भवन के पास प्रदर्शनकारियों ने बस को आग लगा दी. असम में तिनसुकिया डिवीजन और लुमडिंग डिवीजन में 12 ट्रेनों को स्थाई रूप से और 10 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द कर दिया गया है. डिब्रूगढ़ के जिला मजिस्ट्रेट ने आज शाम 4 बजे से शराब की दुकानें बंद करने का आदेश दिया है.

गुवाहाटी  के खानापाड़ा, गणेशगुड़ी, एबीसी, लाचितनगर, कछारी, जालुकबाड़ी इलाके में कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग समूह में सड़कों पर उतरकर भाजपा, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, मुख्यमंत्री आदि के विरोध में जमकर नारेबाजी की. साथ ही दुकानदारों को जबरन धमकाते हुए दुकानों को बंद करा दिया.

गणेशगुड़ी, खानापाड़ा व एबीसी इलाके में प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ भिड़ गए, जिससे हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए. पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया. गणेशगुड़ी और खानापाड़ा में प्रदर्शनकारी पुलिस पर पथराव करने लगे, जिसके चलते पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज भी किया. 

इस बीच कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया. जालुकबाड़ी इलाके में गौहाटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी विरोध प्रदर्शन किया.

इस बीच ऊपरी असम के डिब्रूगढ़ जिले में हालात बेहद गंभीर हो गए. प्रदर्शनकारी बेहद आक्रामक होकर कैब का विरोध करते हुए दुकानों को बंद कराते हुए आगे बढ़ने लगे. पुलिस ने जब उनको रोका तो पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने के साथ ही लाठीचार्ज कर दिया. 

इस घटना में कई लोगों के घायल होने की खबरें मिली हैं. हालांकि पुलिस ने आंदोलन का नेतृत्व करने वाले पांच से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. हालात बेकाबू होते देख जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है. साथ ही संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च कर लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की. इस तरह की घटनाएं राज्य के अन्य कई हिस्सों से सामने आई हैं.

सरकार ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कैब से असमिया लोगों के अधिकारों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. इसलिए लोगों के बहकावे में आकर कानून को अपने हाथ में न लें. सरकार हर हालत में असमिया संस्कृति, इतिहास व स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए वचनबद्ध है. इसलिए सरकार पर लोग भरोसा बनाए. 

सरकार की इन अपीलों पर कुछ संगठनों के उत्तेजक बयान भारी पड़ रहे हैं. इसके बावजूद सरकार हालात को काबू में बनाए रखने के लिए सभी तरह के कदम उठा रही है.

राजधानी दिसपुर और गुवाहाटी के कई इलाकों में आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हुई, जिसमें कई आंदोलनकारी व पुलिस कर्मी घायल हो गए. देर शाम लगभग करीब सात बजे पलटन बाजार थानांतर्गत उलुबाड़ी में फ्लाई ओवर ब्रिज के पास उपद्रवियों ने सड़क के दोनों ओर टायर जलाकर हंगामा शुरू कर दिया. 

इसके बावजूद इलाके में पुलिस नहीं पहुंची. इस बीच एक सिटी बस में सीआरपीएफ के जवान उलुबाड़ी से गुजर रहे थे, जिसको रोककर उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया. हालात बिगड़ते देख हाथों में बंदूक थामे सीआरपीएफ के जवान बस के साथ पीछे हटते चले गए. बस बैक गियर में ही फ्लाई ओवर ब्रिज पर चढ़ते हुए दूसरी ओर चली गई. सीआरपीएफ के जवान भी पीछे हट गए. 

इसके बावजूद आंदोलनकारी पथराव करते रहे. पथराव में बस का शीशा टूट गया. सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जब पहुंची तो भी आंदोलनकारी नारेबाजी करते रहे. भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने हवा में दर्जन भर फायरिंग की. 

हालंकि यह पता नहीं चल सका कि फायर की गई गोलियां रबर की बुलेट थीं या असली बुलेट थीं. कुल मिलाकर उलुबाड़ी के इलाके में हालात काफी गंभीर बने हुए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा फैलाने वाले लोगों में अधिकांश लोग बाहर के हैं.

उधर, गुवाहाटी में प्रशासन ने गंभीर हालात को देखते हुए धारा 144 लागू कर दी है. इसके साथ ही शाम सवा छह बजे से गुरुवार सुबह सात बजे तक कर्फ्यू लगा दिया है. सभी संदेवनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है.

त्रिपुरा में तीन दिनों से यातायात बाधित

नागरिकता संशोधन विधेयक (CAB)-2019 का विरोध करते हुए त्रिपुरा में अनिश्चितकाल तक बंद के तीसरे दिन भी यातायात व्यवस्था बाधित है. कैब विरोध करने वाले ज्वाइंट मूवमेंट अगेंस्ट सिटिजन एमेंटमेंट बिल (JMACAB) में शामिल विभिन्न जनजातियों के क्षेत्रीय संगठन तथा गैर राजनीतिक संगठन गत 09 दिसम्बर से अनिश्चितकाल तक त्रिपुरा बंद का आह्वान किया गया है.

बुधवार की सुबह से ही बंद समर्थक आंदोलनकारी सड़क पर उतर कर आंदोलन करने लगे. बंद के चलते रेल सेवा भी बाधित है. लंबी दूरी और पैसेंजर ट्रेनों की सेवा को पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने रद्द कर दिया है या कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते से चलाया जा रहा है. बंद के चलते विद्यालय, महाविद्यालय की परीक्षाओं को भी रद्द कर दिया गया है. बंद के चलते त्रिपुरा में स्वाभाविक जनजीवन प्रभावित हुआ है. हालात को बेकाबू होने से रोकने के लिए मंगलवार से ही प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट व एसएमएस की सेवाओं को बंद कर दिया है.

बुधवार की सुबह कैब विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राजधानी अगरतला के उत्तर गेट इलाके में सड़क को बंद कर आंदोलनकारी नारेबाजी करने लगे. 

अनिश्चितकाल तक त्रिपुरा बंद के दौरान मंगलवार को राज्य के विभिन्न इलाकों में भारी हिंसा हुई. आज भी मनुघाट और कंचनपुर इलाके में स्थिति बेहद उत्तेजक बनी हुई. मनुघाट में आज सुबह सर्किल प्रशासन ने माइक के जरिए पूरे लंगतराईवैली में धारा 144 लगाए जाने की लोगों को जानकारी दी गई.

हिंसा वाले इलाकों में त्रिपुरा पुलिस, टीएसआर के जवानों के साथ ही केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है. इसी तरह कंचनपुर सर्किल के आंद बाजार इलाके में हालात को नियंत्रित करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (सीसुब) व असम रायफल के जवानों को भी तैनात किया गया है.

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हिन्दुस्थान समाचार/अरविंद

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