संस्थागत प्रसव को बढ़ावा

आरा
भोजपुर जिला में क्रमिक क्षमता विकास पर जिला संसाधन समूह के क्षमता वर्धन के लिए आयोजित  दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का बुधवार को समापन हो गया.  इस दौरान प्रसव पूर्व तैयारी, गृह भ्रमण पंजी की उपयोगिता एवं कुपोषित बच्चों की पहचान जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गयी.

जिला प्रोग्राम पदाधिकारी आईसीडीएस रश्मि चौधरी ने बताया कि इंक्रीमेंटल लर्निंग एप्रोच के अंतर्गत प्रतिभागियों को गृहभेंट पंजी की उपयोगिता तथा उसे सही तरीके से भरने के विषय में अवगत होना जरुरी है. इससे प्रदान की जाने वाली सुविधाओं को मजबूत किया जा सकेगा.

उन्होंने प्रतिभागियों को प्रसव पूर्व तैयारी के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि संस्थागत प्रसव प्रत्येक मामलों में गृह प्रसव से सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि इसके विषय में सामुदायिक स्तर पर अधिक से अधिक जागरूकता फ़ैलाने की जरूरत है.

इसमें आशा एवं आंगनवाड़ी की भूमिका अहम है. साथ ही प्रतिभागियों को प्रसव के उपरान्त माता तथा नवजात के उचित देखबाल के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी एवं कमजोर शिशुओं की पहचान तथा उनकी समुचित देखभाल के बारे में भी विस्तार से बताया गया.

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि टीकाकरण बच्चों को बहुत सारे जटिल रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है. उन्होंने बताया कि सभी जरुरी प्रतिरक्षण मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में अहम् भूमिका अदा करता है. इसके लिए सामुदायिक स्तर पर लोगों को और जागरूक करने की जरूरत है.

साथ ही माताओं को टीकाकरण की सही अवधि के विषय में जानकारी देने में आशाओं एवं एएनएम को अधिक तत्परता दिखाने की जरूरत है।इस मौके पर भोजपुर जिले की सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी,पोषण अभियान से स्वस्थ भारत प्रेरक, केयर इंडिया के अधिकारीगण शामिल हुए.

हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र

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