छत्तीसगढ़ में मंदी की मार, चारों प्रमुख उद्योगों का उत्पादन घटा

रायपुर, छत्तीसगढ़।

छत्तीसगढ़ राज्य में भी मंदी की मार है. राज्य के चारों प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन घट गया है. बिजली, सीमेंट, लोहा और कोयला चारों सेक्टर मंदी की मार से प्रभावित हैं. गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार देश के प्रमुख 8 उद्योगों में शामिल इन चारों सेक्टर में 5.2 फीसदी उत्पादन घट गया है.

राज्य को कुल राजस्व का करीब 60 फीसद से अधिक हिस्सा इन्हीं चारों सेक्टरों से आता है.गुरुवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2018 में बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 4.3 प्रतिशत बढ़ा था. इस साल सितंबर 2019 में यह सूचकांक 120.6 पर पहुंच गया है, जो कि सितंबर 2018 की तुलना में 5.2 फीसदी कम है.

राज्य के राजस्व का 48 प्रतिशत हिस्सा कोयला से आता है. पूरे देश के प्रतिशत कोयला की जरूरत छत्तीसगढ़ करता है. राज्य में देश के कोयले का लगभग 18 प्रतिशत से अधिक कोयले का भंडार है. बेतरतीब और असमय बारिश की वजह से कोयले के उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है.

पूरे देश का करीब 20 प्रतिशत लोहा छत्तीसगढ़ में है. राज्य को इससे लगभग 26 प्रतिशत राजस्व प्राप्त होता है. यह भी मंदी की चपेट में है. आंकड़ों के अनुसार राज्य में 17प्रतिशत लोहे का उत्पादन होता है. इसका उत्पादन करीब 5 प्रतिशत घट गया है.

देश की जरूरतों का 20प्रतिशत से अधिक सीमेंट की मांग पूरा करने वाले एक दर्जन से अधिक संयंत्र छत्तीसगढ़ में है. कारोबारियों के अनुसार फिलहाल इसका उत्पादन नहीं गिरा है पर मांग में कमी आ रही है.

लगभग 23 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन करने वाला छत्तीसगढ़ राज्य उन राज्यों में शामिल है जहां की बिजली कंपनियां मुनाफे में है. अधिकारी बताते हैं कि मांग में कमी आ रही है.

जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष में पिछले 7 माह में कोल इंडिया ने 341 मिलियन टन लक्ष्य की तुलना में मात्र 280 मिलियन टन उत्पादन किया है. अर्थात कुल 61 मिलियन टन कोयला उत्पादन कम हुआ है. छत्तीसगढ़ में स्थित एसईसीएल की खदानों में अक्टूबर माह में मात्र 8 एमटी उत्पादन हुआ है. 

अप्रैल से अक्टूबर तक 7 माह में कंपनी ने 69. 60 मीट्रिक टन कोयला उत्पादन किया. जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी ने 75 एमटी कोयला उत्पादन किया था.

 हिन्दुस्थान समाचार/केशव

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