जाएंगे तो सोनभद्र, नहीं तो रात भर किले में ही रहेंगे- प्रियंका गांधी

नई दिल्ली. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा शुक्रवार सुबह वाराणसी पहुंच गईं. उनको सोनभद्र जाने से रोक लिया गया. इस मामले में यूपी के डीजीपी का बयान सामने आया है.

प्रियंका सोनभद्र के निकलीं लेकिन उन्हें वाराणसी-मिर्ज़ापुर बार्डर पर नारायणपुर में रोक दिया गया जिसके बाद कांग्रेस महासचिव सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं. धरने पर बैठी प्रियंका ने कहा कि मुझे जिला प्रशासन के अधिकारी ऑर्डर की कॉपी दिखाए मुझे किस नियम के तहत रोका गया है.

इसके बाद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने कहा है कि कोई कुछ भी कर लें मैं पीड़ितों से मिलने जरूर जाउंगी. पुलिस ने उनको हिरासत में ले लिया. प्रियंका गांधी को चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया.

प्रियंका गांधी सोनभद्र जाने के लिए अड़ गई हैं. मिर्जापुर जिले के चुनार किला गेस्ट हाउस में अभी भी वह धरने पर बैठी हुई हैं. उनका कहना है कि वह अगर जाएंगी तो सोनभद्र जाएंगी, नहीं तो रात भर चुनार किले में ही रहेंगी.

इस मामले में यूपी के डीजीपी का बयान सामने आया है. उन्होंने प्रियंका के हिरासत में लेने पर कहा है कि उनको सिर्फ रोका गया है, हिरासत में नहीं लिया गया.

प्रियंका को चुनार गेस्ट हाउस ले गई लेकिन प्रियंका ने यहां भी धरना देना शुरु कर दिया। उन्हें मिर्जापुर के पास नारायणपुर में रोक दिया गया था.

सोनभद्र में 10 लोगों की हत्या के बाद हालात बिगड़ गए हैं और धारा 144 लागू की गई है. इस दौरान कांग्रेस महासचिव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि कहां ले जाया जा रहा है, लेकिन वे जहां ले जाएंगे हम जाने को तैयार हैं. लेकिन झुकेंगे नहीं.

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई पर प्रियंका ने कहा कि मेरे वहां पर जाने से कोई कानून व्यवस्था पर असर नहीं पड़ने वाला. जानकारी के मुताबिक यहां ट्रॉमा सेंटर में भर्ती घायलों का हाल जानने के बाद वो सड़क मार्ग से सोनभद्र भी जाएंगी और पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगी.

इसके अलावा प्रियंका सोनभद्र के उम्भा गांव में भी जाएंगी. वाराणसी में प्रियंका के साथ कांग्रेस संगठन के तमाम पदाधिकारी भी बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में सोनभद्र कांड के पीड़ितों से मिलेंगे.

इससे पहले गुरुवार को प्रियंका ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने लिखा था कि- मैं राज्य के अपने दौरे के दौरान सुरक्षा इंतजाम की सराहना करती हूं. लेकिन इन सुरक्षा इंतजाम के कारण जनता को होने वाली परेशानी से व्यथित हूं.

जनता का सेवक होने के नाते मेरे कारण किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए. ऐसे में प्रदेश में यात्रा के दौरान सुरक्षा का दायरा कम से कम रखा जाए, ताकि लोगों को असुविधा का सामना न करना पड़े.

प्रियंका के अलावा यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी सोनभद्र की घटना पर सवाल उठाए थे. अखिलेश ने सरकार से सवाल करते हुए ट्वीट किया, ‘अपराधियों के आगे नतमस्तक बीजेपी सरकार में एक और नरसंहार. सोनभद्र में भू-माफियाओं द्वारा जमीन विवाद में नौ लोगों की हत्या दहशत एवं दमन का प्रतीक’

उन्होंने वारदात में मारे गए सभी लोगों के परिवारवालों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की.

ये है पूरा मामला- बुधवार को प्रधान यज्ञदत्त ट्रैक्टर ट्राली में भरकर करीब 200 लोगों को लेकर घोरावल थाना इलाके के उम्भा गांव पहुंचा. उन लोगों के पास गंड़ासे और अवैध तमंचे थे.

गांव वालों के मुताबिक इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा प्रधान के नाम पर है. ग्राम प्रधान यज्ञदत्त ने एक आईएएस अधिकारी से 100 बीघा जमीन खरीदी थी.

यज्ञदत्त ने इस जमीन पर कब्जे के लिए बड़ी संख्या में अपने साथियों के साथ पहुंचकर ट्रैक्टरों से जमीन जोतने की कोशिश की. स्थानीय ग्रामीणों ने इसका विरोध किया.

इसके बाद ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने गांव वालों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 23 लोग घायल हुए हैं.

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