बिहारः बसों में ठूंस कर परदेश जाने को मजबूर हैं प्रवासी मजदूर

Private Bus during Corona
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बिरौल, बिहार।

पूरे लोक डॉन में दिल्ली से बिरौल के दर्जनों बसो का रोजाना आना-जाना जारी है. बसों में भेड़ बकरी की तरह ठूस कर प्रवासी मजदूर जाने को मजबूर है. सुरक्षित दूरी और प्रशासन के आदेश का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन करते बेरोकटोक बसे रोज आगमन और प्रस्थान कर रही है.

दिल्ली से आने वाली बसें कोरोना संक्रमण का सबसे बड़े वाहक बने हुए हैं. भूख और बेरोजगारी में जहां एक ओर गांव कस्बों से मजदूर का पलायन जारी है. वहीं दूसरी ओर कोरोना संक्रमण की संभावना लेकर दिल्ली और अन्य शहरों से लोग आते हैं. इससे क्षेत्र के बाजारों के अलावा गांवों कस्बों में भी कोरोना पॉजिटिव के केस लगातार बढ़ रहे हैं.

प्रशासन की ओर से एक सीट पर एक व्यक्ति के सफर का सख्त आदेश है, इसके बावजूद भी एक स्लीपर सीट पर 4 लोगों को बिठाया जा रहा है. बस में 52 सीट 10 स्लीपर में अभी 100 से अधिक लोग सफर करने को मजबूर हैं. इतना ही नहीं लकड़ी की ब्रेंच पर बिठाकर भी सवारी से 1800 रूपए लिए जा रहे हैं.

सामान्य टिकट जहां 1500 का है. गरीब लाचार मजदूरो से मुंह मांगी कीमत वसूल की जा रही है. ना मास्क की कोई जरूरत महसूस होती और न सेनीटाइजर की आवश्यकता होती है.

किसी कारण दिल्ली जा रहे लोगों ने बताया कि हम अपना और अपने परिवार सहित समाज का जान दांव पर लगाकर बिकट पस्थिति में यात्रा करने को मजबूर है. इस मामले पर अफ़जला के पूर्व सरपंच सचदेव साहनी का कहना है, कि कोराना की स्थिति को देखते हुए जिला अधिकारी को संज्ञान लेना चाहिए.

हिन्दुस्थान समाचार/ललित