होने वाली माओं को मिलेगी बच्चा संभालने की सीख

जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) की स्टूडेंट इशिता सिंह ने ‘‘ मातृत्व: द फाउंडेशन ऑफ़ लाइफ एंड नेशन” नाम का एक खास और अनूठा स्टार्टअप शुरू किया है.

इस स्टार्टअप में उन्होंने मां बनने वाली महिलाओं पर फोकस रखा है. इसमें महिलाओं को खुद की देखभाल, शिशु की देखभाल, स्तनपान और शिशु आहार के बारे में ट्रेन किया जाएगा.

JMI से आन्ट्रप्रनर्शिप, इनोवेशन और डिज़ाइन थिंकिंग से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कर रहीं और इस स्टार्ट अप की सह संस्थापक है इशिता. इस स्टार्टअप में उनका साथ दे रही हैं उनकी मां डॉ़ आशा चौहान.

वो कहती हैं कि बच्चे और मां की सेहत के लिए शुरूआती दिन बहुत मुशिकल होते हैं. ऐसे में हमारा मकसद है कि होने वाली मां को शिक्षित करके सेहतमंद बचपन को बढ़ावा देना है. 

उन्होंने कहा कि मां और भविष्य में बनने वाली माओं को इस नई जिंदगी की बारीकियों को समझना जरूरी है. इस स्टार्ट अप से उन्हें महसूस होगा की आने वाली नई जिंदगी के मोड़ और रास्ते पर वो अकेली नहीं हैं.

ये ‘‘मातृत्व‘‘ एक ऐसा स्टार्ट अप है जो होने वाली माओं को मातृत्व से जुड़ी सारी जानकारियां ऑफलाइन क्लास और प्रैक्टिकल डिमान्स्ट्रेशन के ज़रिए समझाएगा. 

इस प्रोग्राम से बच्चों के डाक्टरों की अनुभवी टीम भी जुड़ेगी. होने वाली माओं को भावानात्मक सहयोग के साथ बच्चों को पालने के कई सारे गुण भी सिखाएं जाएंगे. उन्हें टिप्स दिए जाएंगे.

इस प्रोग्राम के कुल  चरण होंगे, जिसमें न्यूबॉर्न बेबी की देखभाल, हेल्थ चैकअप, एचआईवी, एनीमिया, एसटीआई, खुद की देखभाल, आहार, टीकाकरण, और स्वास्थ्य

इस प्रोग्राम के पांच चरण होंगे. जिनमें नवजात की देखभाल, स्वास्थ्य जांच,:एचआईवी, एनीमिया, एसटीआईः, स्व-देखभाल, आहार, टीकाकरण, और स्वास्थ्य मापदंडो:बीएमआईः को ध्यान में रखा गया है.

इस स्टार्ट अप के बारे में इशिता ने कहा कि भारत में यह अकेला ऐसा कार्यक्रम है जिसमें शिशु के स्वस्थ विकास के सभी आयामों को शामिल किया गया है. उनके मुताबिक, एनएसआरसीईएल आईआईएम, बेंगलूरू ने परामर्श सत्र के लिए इस कार्यक्रम को अपनाया है.

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